10 साल में ढहा साइफन, दोषी को बचाने में जुटा विभाग

24 गांव के आसपास जलभराव गौरा चौराहा-तुलसीपुर मार्ग पर दतरंगवा डिप पर बह रहा पानी।

JagranPublish: Wed, 18 May 2022 09:48 PM (IST)Updated: Wed, 18 May 2022 09:48 PM (IST)
10 साल में ढहा साइफन, दोषी को बचाने में जुटा विभाग

संवादसूत्र, तुलसीपुर (बलरामपुर) :

राप्ती मुख्य नहर का पानी सिरिया नाला में गिराए जाने से गौरा चौराहा तक खेतों में जलभराव हो गया है। गौरा चौराहा-तुलसीपुर मार्ग स्थित दतरंगवा डिप पर भी नहर का पानी पहुंच गया है। खेतों में अचानक पानी भरने से जोताई प्रभावित हो गई है। किसान धान की बोआई के लिए खेतों में खर पतवार प्रबंधन में लगे थे। जलभराव होने से काम बंद हो गया है। दूसरी तरफ 10 साल में ही मुख्य नहर का नाला पार करने के लिए बनाए गए पुल या साइफन के ढह जाने से गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। जिला प्रशासन की तरफ से राप्ती नहर निर्माण खंड के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। विभाग भी ढह गए पुल की लागत बताने को तैयार नहीं है। इसके लिए दोषी पर कार्रवाई से कतरा रहा है। - पांच दिन पहले नाला पर बने मुख्य नहर का पुल टूट गया है। विभाग डैमेज पुल को पुन: बनाने के स्थान पर मिट्टी पाटकर नहर चालू करने में जुटा है। तुलसीपुर से आगे गैंसड़ी, पचपेड़वा, सिद्धार्थनगर समेत अन्य जिलों तक नहर में पानी नहीं पहुंच रहा है। दूसरी तरफ नहर का पानी सिरिया नाले में आने से लबालब भर गया है। नहर का पानी ओड़ाझार व सिकटिहवा गांव के चारों तरफ भर गया है। गन्ने की फसल में पानी भरने से खराब होने की आशंका किसानों को सताने लगी है। क्योंकि आग बरसाती गर्मी में तीन दिन से खेतों में जल जमाव होने से फसल के सूख जाने का डर है। जिनके खेतों में जलभराव नहीं है, वह पंपिग सेट से सिचाई कर रहे हैं। राधेश्याम, चिनकुन व मौलवी ने बताया कि पानी यदि गांव के पास बनी नहर में आता तो, इसका लाभ सभी किसानों को मिलता। जरूरत के हिसाब से उतना पानी खेतों में ले जाता, लेकिन नहर में एक बूंद भी पानी नहीं है। भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष दुष्यंत वर्मा ने बताया कि अचानक पानी आ गया है। इससे खजुरिया, नेवरी, सिघवापुर, दतरंगवा, चौखड़ा, गोबिदपुर, थारुआ थरूवनिया गांव के आसपास जलभराव हो गया है। दंतरंगवा डिप पर भी पानी बहने लगा है। खेतों की जोताई प्रभावित है। निर्माण व मरम्मत पर व्यय की नहीं जानकारी :

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकार्पण के समय नहरों की पुकलैंड व जेसीबी मशीन से सफाई कराई गई थी। सिरिया नाले के पास जो साइफन टूटा है, उसमें पुकलैंड से सफाई कराई गई थी। उसी समय क्षतिग्रस्त हो सकता है। खंड प्रथम के पास कुल 10 किमी में नहर, पुल व साइफन का निर्माण कराया है। इस पर करीब 80 करोड़ रुपये व्यय हुआ है। डैमेज साइफन के निर्माण व मरम्मत पर होने वाले खर्च की अभी जानकारी नहीं दे सकते। कार्यदायी संस्था और जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई हो सकती है। - सुरेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता राप्ती नहर निर्माण खंड प्रथम

Edited By Jagran

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