अंत्येष्टि स्थल पुनर्निर्माण में भी भ्रष्टाचार का घुन

मलाई काटने वाले दोषियों पर नहीं हुई कार्रवाई 20 दिन में नहीं पूरा हुआ पिलर का कार्य

JagranPublish: Sat, 11 Jun 2022 11:14 PM (IST)Updated: Sat, 11 Jun 2022 11:14 PM (IST)
अंत्येष्टि स्थल पुनर्निर्माण में भी भ्रष्टाचार का घुन

बलरामपुर : विशुनीपुर में आंधी-पानी के दौरान ढहे अंत्येष्टि स्थल की मरम्मत में बड़े पैमाने पर खेल किया जा रहा है। एक बार निर्माण में चरम पर हुए भ्रष्टाचार की कलई आंधी में खुल चुकी है। अब अपनी गर्दन बचाने के लिए पुनर्निर्माण किया जा रहा है। इसमें भी मानकविहीन निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।

गत दिनों उपजिलाधिकारी सदर ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता परखते हुए संबंधित को फटकार भी लगाई थी। बावजूद इसके मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। आलम यह है कि वर्तमान में पिलर खड़ा करने के बाद कार्य रोक दिया गया है। जो जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता बयां कर रहा है। 22 मई को तड़के आई तेज आंधी-पानी में विशुनीपुर के ढहे अंत्येष्टि स्थल ने नगर पालिका प्रशासन, व कार्यदायी संस्था के ठेकेदार की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चहारदीवारी निर्माण, बेंच व टिन शेड में 33 लाख 60 हजार रुपये खर्च कर दिए गए। अंत्येष्टि स्थल ढहने के बाद मलाई काटने वाले जिम्मेदार अब अपनी गर्दन बचाने में जुट गए हैं। नगर पालिका प्रशासन समिति गठित कर जांच करने की दुहाई देता रहा, लेकिन किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ठेकेदार करीब 20 दिन से मरम्मत कराने का दावा कर रहा है, लेकिन अब तक पिलर भी पूरा नहीं हो सका है। गत दिनों एसडीएम ने निर्माण कार्य में मानक की अनदेखी पर ठेकेदार को जमकर फटकार लगाई थी। इसके बाद ठेकेदार ने कार्य रोक दिया है। सवाल यह है कि दोषियों पर कार्रवाई के लिए गठित तीन ने जांच रिपोर्ट में क्या लिखा। आख्या सार्वजनिक न होने से समिति की जांच पर भी सवाल उठ रहे हैं।

गुणवत्तापूर्ण निर्माण का निर्देश :

-एसडीएम सदर राजेंद्र बहादुर का कहना है कि निरीक्षण कर घटिया निर्माण रुकवाया गया था। गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

Edited By Jagran

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