कार्रवाई की धीमी चाल, ताकि बीत जाए कार्यकाल

डिप्टी सीएम का आदेश भी निकला बेअसर जांच में दोषी होने पर नहीं हुई को कार्रवाई।

JagranPublish: Sun, 19 Jun 2022 10:17 PM (IST)Updated: Sun, 19 Jun 2022 10:17 PM (IST)
कार्रवाई की धीमी चाल, ताकि बीत जाए कार्यकाल

जागरण टीम, बलरामपुर :

डिप्टी सीएम के निर्देश पर हुई जांच में सीएमओ ने गर्भवती भगाने के मामले में चिकित्सक व स्टाफ नर्स को दोषी मानते हुए कार्रवाई की रिपोर्ट भेज दी, लेकिन कार्रवाई होने की जगह स्टाफ नर्स को पदोन्नति दे दी गई। मामला तूल पकड़ने के बाद अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य ने भी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। बताया जा रहा है कि स्टाफ नर्स का कार्यकाल दो माह ही बचा है। उसका कार्यकाल निपटाने के चक्कर में कार्रवाई धीमी हो गई है। संयुक्त चिकित्सालय में आठ माह पहले 10 हजार रुपये न देने पर सर्जन डा. अरुण कुमार व स्टाफ नर्स सावित्री जायसवाल ने खलवा मुहल्ला की गर्भवती नीलम को भगा दिया था। दो माह पहले उसकी पीड़ा से जुड़ी खबर पर डिप्टी सीएम की नजर पड़ी तो उन्होंने सीएमओ को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। सीएमओ ने जांच कर कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट सौंप दी, लेकिन यह फाइल ऊपर जाकर दब गई। मैनेजमेंट का ऐसा खेल हुआ तो दोषी रही स्टाफ नर्स सावित्री को पदोन्नति मिल गई। मामले पर नाराजगी जताते हुए सीएमओ डा. सुशील कुमार व अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डा. एचडी अग्रवाल ने रिपोर्ट तलब की, लेकिन संयुक्त चिकित्सालय प्रशासन ने कोई जानकारी नहीं दी। बताया जा रहा है कि स्टाफ नर्स का कार्यकाल दो माह ही बचा है। उसे बचाने में जुटे लोग कार्यकाल सकुशल निपटा देने के चक्कर में कार्रवाई की फाइल दबा रखे हैं। अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डा. एचडी अग्रवाल ने बताया कि सीएमएस ने बताया कि शासन से पदोन्नति मिली है, लेकिन उसे कार्यभार नहीं दिया गया है। शासन को कार्रवाई के लिए उन्होंने भी संस्तुति की है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।

Edited By Jagran

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