इजराइल तकनीक से बलिया में बनाएंगे पहली आधुनिक नर्सरी

संग्राम सिंह बलिया इजराइल तकनीक पर अब बलिया में पहली हाईटेक नर्सरी तैयार की जाएगी। ग्र

JagranPublish: Fri, 21 Jan 2022 11:22 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 11:22 PM (IST)
इजराइल तकनीक से बलिया में बनाएंगे पहली आधुनिक नर्सरी

संग्राम सिंह, बलिया :

इजराइल तकनीक पर अब बलिया में पहली हाईटेक नर्सरी तैयार की जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से प्रस्ताव मांगा है। यह अधिकार पहली बार क्षेत्र पंचायतों को मिला है। वह 10 तरह के और कार्य भी करा सकेंगे। ग्रामीण विकास आयुक्त वीरेंद्र कुमार सिंह ने गाइडलाइन जारी की है। पूर्वांचल के कई जिलों में पॉली हाउस के जरिए फलदार पौधे और सब्जियां उगाने की तैयारी है। जमीन का चयन शुरू किया गया है। प्रत्येक प्रोजेक्ट पर करीब 15 लाख रुपये खर्च होंगे। एक हेक्टेयर जमीन खोजी जा रही है। उद्यान विभाग का सहयोग लिया जा रहा है। पॉली हाउस के जरिए इस विधि से अब गैर सीजन में भी किसानों को औद्यानिक फसलों की नर्सरी (पौधे) मिलेगी। यहां पर दो से पांच लाख तक पौधे तैयार किए जा सकेंगे, जो कि आम प्रजाति से एकदम अलग होंगे। यह पौधे रोग मुक्त होंगे, जिन्हें रोपने पर सब्जियों का उत्पादन भी दोगुना होगा।

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मिर्च की खेती में किसानों को होता है नुकसान : राष्ट्रीय एकीकृत बागवानी योजना के तहत रोग मुक्त सब्जी पौध उत्पादन में इजरायल अव्वल है। उसकी तकनीकी से यूपी में भी पौधे उगाए जाएंगे। जिला उद्यान अधिकारी नेपाल राम ने बताया कि किसानों को अक्सर समस्या आती है कि मिर्च की पौध तैयार करते समय बारिश के कारण नष्ट हो जाती है। किसानों का बहुत नुकसान होता है। गैर सीजन की नर्सरी तैयार कर किसान अच्छा लाभ कमा सकेंगे। प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।

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इनकी तैयार कराई जाएगी नर्सरी : टमाटर, बैगन, मिर्च, शिमला, ब्रोकली, चाइनीज कैबेज, लतावर्गीय सब्जी, खरबूज, तरबूज, गोभी, पात गोभी आदि सब्जियों की नर्सरी तैयार होंगी। पाली और ग्रीन हाउस बनाए जाएंगे। इजराइल में ज्यादातर सब्जियां बेमौसम उगाई जाती हैं। पाली और ग्रीन हाउस में नर्सरी तैयार होती है। प्रयोगशाला में बीज का शोधन कर रोगमुक्त बनाया जाता है, उसके बाद नर्सरी तैयार की जाती है। नर्सरी पर सर्दी, गर्मी और बरसात का असर नहीं होता है।

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क्षेत्र पंचायत के कामों में होगी ग्राम पंचायत की भूमिका : पहली बार क्षेत्र पंचायत के कामों में ग्राम पंचायतों की भूमिका होगी। रोजगार सेवक से लेकर महिला मेठ तक क्षेत्र पंचायत के कामों में सक्रिय रहेंगे। अभी तक क्षेत्र पंचायत स्वतंत्र रूप से अपने कार्यों को संपादित करता था, लेकिन अब इम्पीमेंटेशन एजेंसी के रुप में कार्य करेगी। अब रोजगार सेवक ही क्षेत्र पंचायत के कामों को जियो टैग करेगा।

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क्षेत्र पंचायतें पहली बार यह कार्य भी कराएंगी : नदियों का पुनरुद्धार, ग्रामीण संयोजकता, वेस्टलैंड का विकास, जल निकाय, सड़क किनारे पौधारोपण, वाटरशेड डेवलेपमेंट, बाढ़ नियंत्रण और जल निकायों का सु²ढ़ीकरण समेत 11 तरह के कार्य।

Edited By Jagran

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