शिक्षक पात्रता परीक्षा निरस्त, अधूरे रह गए अरमान

10 बजे सुबह पहुंचे केंद्र सवा घंटे बाद मायूस होकर निकले 15 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई परीक्षा 12200 परीक्षार्थी होने थे शामिल

JagranPublish: Sun, 28 Nov 2021 10:27 PM (IST)Updated: Sun, 28 Nov 2021 10:27 PM (IST)
शिक्षक पात्रता परीक्षा निरस्त, अधूरे रह गए अरमान

बहराइच : उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) रविवार सुबह जिले के 15 केंद्रों पर शुरू हुई। उत्साह से लबरेज परीक्षार्थियों को बीच में ही केंद्र से बाहर कर दिया गया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पेपर लीक होने के बाद अचानक निरस्त हुई परीक्षा से सभी मायूस हो गए। परीक्षार्थियों के अंदर नाराजगी भी दिखी।

परीक्षा के लिए सुबह 9.30 बजे से ही परीक्षार्थी केंद्रों पर पहुंचने लगे। दस बजे तक सभी को प्रवेश देकर परीक्षा शुरू करा दी गई। दो पालियों में परीक्षा होनी थी। कुल 12200 परीक्षार्थी बैठने थे। सुबह की पाली की परीक्षा चल रही थी। बेहतर भविष्य का सपना संजोए परीक्षार्थी परीक्षा देने में मशगूल थे। तभी 11 बजे अचानक शासन ने परीक्षा को निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया। सूचना अधिकारियों तक पहुंची तो हड़कंप मच गया। परीक्षा को 11.15 बजे के करीब बीच में ही रोक दिया गया। परीक्षार्थी अचानक परीक्षा निरस्त होने से स्तब्ध रह गए।

दूसरी पाली की परीक्षा में बैठने का इंतजार कर रहे परीक्षार्थी भी मायूस हो गए। डीएम डा. दिनेश चंद्र ने बताया कि शासन के निर्देश पर परीक्षा निरस्त कर दिया गया है। अग्रिम आदेश आने पर परीक्षा कराई जाएगी।

मेधावियों में झलकी चिता

कुछ परीक्षार्थी अचानक परीक्षा निरस्त होने से नाराज दिखे तो कुछ में उम्र की बाध्यता निकट आने की चिता दिखी। शहर निवासी अरुण सिंह व मिहींपुरवा निवासी पंकज कुमार ने कहा कि शासन की उदासीनता व अफसरों की लापरवाही से पेपर लीक होता है। इसे रोकने के लिए परीक्षा से पहले पुख्ता इंतजाम करना चाहिए था। पयागपुर निवासी शिवम पांडेय व संजय गौतम ने कहा कि दो बार परीक्षा में बैठ चुके हैं, मगर सफलता नहीं मिली। इस बार कड़ा परिश्रम किया था। अब उम्र की समय सीमा निकट आ रही है। परीक्षा निरस्त करने पर सरकार को उम्र सीमा बढ़ाने पर विचार करना चाहिए।

आदेश का इंतजार

अब सरकार के अगले आदेश का इंतजार है। सभी ओएमआर शीट कोषागार के डबल लाक में रखवा दिया गया है। आदेश मिलने पर दोबारा परीक्षा कराई जाएगी।

-डा. चंद्रपाल, डीआइओएस बहराइच

Edited By Jagran

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