कानून ही मौन तो पालन कराए कौन

चौकी व थानों के सामने से नियमों को ताक पर रख फर्राटा भर रहे ई-रिक्शा क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाने के चलते हो सकता है हादसा

JagranPublish: Sun, 03 Jul 2022 10:27 PM (IST)Updated: Sun, 03 Jul 2022 10:27 PM (IST)
कानून ही मौन तो पालन कराए कौन

बहराइच : जिले की सड़कों पर नियम-कानून को ताक पर रखकर फर्राटा भर रहे ई-रिक्शा पर शिकंजा कसने में जिम्मेदार पूरी तरह नाकाम दिख रहे हैं। ऐसे में जब कानून का पालन कराने वाले ही मौन हैं तो नियम का पालन कौन कराएगा। 4,580 ई-रिक्शा परिवहन विभाग में रजिस्टर्ड हैं, लेकिन 15 हजार से अधिक सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे अराजकता का आलम भी दिखाई पड़ता है।

ई-रिक्शा पर चार सवारियों को बैठाने की परमिशन होने के बावजूद चालक आठ से 10 सवारियों को बैठाते हैं। यही नहीं नियमों को तोड़कर बेफिक्र होकर थानों और चौकी के सामने से ई-रिक्शा फर्राटा भरते हैं। पुलिस, यातायात व परिवहन विभाग के जिम्मेदार पूरे मामले से मुंह मोड़े हुए हैं। इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। यातायात नियमों से अनभिज्ञ अप्रशिक्षित वाहन चालक राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब कभी भी बन सकते हैं। कहने को तो यातायात सप्ताह, माह जैसे कार्यक्रमों को चलाकर लोगों को जागरूक करने का काम बखूबी किया जा रहा है, लेकिन ई-रिक्शा चालकों के प्रति जिम्मेदार क्यों गंभीर नहीं हो रहे हैं, यह बात लोगों के गले नहीं उतर रही है।

कोट

अभियान चलाकर एक माह में डेढ़ सौ से अधिक ई-रिक्शा चालकों का चालान किया गया है। यही नहीं कई वाहन सीज भी किए गए हैं। नियमों को ताक पर रखकर चलने वाले ई-रिक्शा चालकों पर शिकंजा कसा जा रहा है।

- आनेंद्र यादव, यातायात प्रभारी - परिवहन कार्यालय में 4580 ई-रिक्शा रजिस्टर्ड हैं। बिना रजिस्ट्रेशन के सड़क पर चलने वाले ई-रिक्शा को चिह्नित कर उन्हें सीज कराने की कवायद शुरू कराई गई है। इसके लिए बाकायदा टीम का गठन भी किया गया है।

- राजीव कुमार, एआरटीओ

Edited By Jagran

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