पुलिस कब कसेगी किनारे खड़े वाहनों पर नकेल

कोहरे की चादर दिनोंदिन आसमान में बढ़ रही है। उधर एक्सप्रेस-वे पर आए दिन हादसे होते हैं।

JagranPublish: Thu, 02 Dec 2021 09:44 PM (IST)Updated: Thu, 02 Dec 2021 09:44 PM (IST)
पुलिस कब कसेगी किनारे खड़े वाहनों पर नकेल

बागपत, जेएनएन। कोहरे की चादर दिनोंदिन आसमान में बढ़ रही है। उधर एक्सप्रेस-वे पर आए दिन हादसों का सबब बनते किनारे खड़े वाहनों पर नकेल कसने को पुलिस आगे नहीं आ रही। इससे साफ है कि प्रशासन को शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार है।

ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे देश का सबसे हाईटेक मार्ग है। निर्माण के दौरान ही एनएचएआइ ने यहां वाहनों की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रतिघंटा तय की थी। एक्सप्रेस-वे पर वाहनों को चालक तय रफ्तार से भी अधिक दौड़ाते हैं। यहां आकर चालक वाहनों की अधिकतम रफ्तार को तय करने का प्रयास भी करते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार और किनारे खड़े वाहन हादसों का कारण बनते हैं। तीन दिन पूर्व भी किनारे खड़े वाहन से होंडा सिटी कार टकराई। हादसे में कुरुक्षेत्र के युवक की मौत हो गई थी। इससे पूर्व भी अधिकांश हादसे किनारे खड़े होने वाले वाहनों के कारण ही होते रहते हैं। परंतु एनएचएआइ व बागपत प्रशासन ने हादसों को रोकने की तरफ कभी ध्यान नहीं दिया। हादसे के बाद अधिकारियों ने किनारे खड़े होने वाले वाहनों पर नकेल कसने की बात कही थी। आज भी जगह जगह पर किनारे वाहनों को खड़ा देखा जा सकता है। प्रशासन किनारे खड़े वाहनों पर नकेल तो दूर इस तरफ ध्यान भी नहीं दे रहा है। संभवत: बागपत प्रशासन को ईपीई पर किसी बड़े हादसे का इंतजार है। इसके बाद ही प्रशासन की कुंभकर्णी नींद टूटेगी।

एसडीएम अजय कुमार का कहना है कि सीओ खेकड़ा से संबंध में वार्ता की गई है। तैनात पुलिस के अलावा एनएचएआइ अधिकारियों को भी किनारे वाहनों को खड़ा नहीं होने के लिए निर्देशित किया है। ईंट भरकर ले जा रहे ओवर लोड ट्रक बने मुसीबत

चौगामा क्षेत्र के ईंट भट्टों से जनपद से बाहर ईंट भरकर ले जा रहे ओवर लोडिग ट्रक मुसीबत का सबब बन रहे हैं। शिकायत के बावजूद भी इन ट्रकों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है, जिससे क्षेत्रवासियों में रोष बना है।

चौगामा क्षेत्र के ईंट भट्टों से बड़ौत मुजफ्फरनगर, दाहा बरनावा, दोघट बिराल, पुसार बरनावा आदि मार्गों से होकर मेरठ, मुजफ्फरनगर, हरिद्वार, हापुड़ आदि शहरों में ईंट सप्लाई होती हैं। इन ट्रकों में ईंट इस कदर भरी जाती है कि इनके पास से होकर निकलना हादसों को दावत देना लगता है। क्षेत्रवासियों के अनुसार ट्रक चालक ट्रकों में ट्रक की बाड़ी से करीब तीन चार फीट ऊंचाई तक ईंट भर ली जाती है। जो ट्रकों से रास्ते पर गिरती जाती है। कई बार तो बराबर से होकर निकल रहे अन्य वाहनों पर भी गिर जाती है। दुपहिया वाहन सवार घायल तक हो जाते है। इनकी शिकायत क्षेत्रवासी कई बार कर चुके हैं लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं कराया जा रहा है। जिससे क्षेत्रवासियों में रोष बना है। वहीं, इस संबंध में इंस्पेक्टर दोघट भूपेंद्र सिंह का कहना है कि ऐसे वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए चेकिग कराई जाएगी।

Edited By Jagran

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