हाईवे पर हादसे में मेरठ के युवा अधिवक्ता की मौत, तीन घायल

बागपत-मेरठ हाईवे पर ग्राम सिघावली अहीर पुलिया के पास ट्रक व कार की जबरदस्त भिड़ंत हुई। हादसे में कार सवार मेरठ के एक युवा अधिवक्ता की मौत हो गई। दो अधिवक्ता समेत तीन व्यक्ति घायल हुए। इनमें एक महिला अधिवक्ता भी शामिल हैं।

JagranPublish: Fri, 28 Jan 2022 10:34 PM (IST)Updated: Fri, 28 Jan 2022 10:34 PM (IST)
हाईवे पर हादसे में मेरठ के युवा अधिवक्ता की मौत, तीन घायल

बागपत, जेएनएन। बागपत-मेरठ हाईवे पर ग्राम सिघावली अहीर पुलिया के पास ट्रक व कार की जबरदस्त भिड़ंत हुई। हादसे में कार सवार मेरठ के एक युवा अधिवक्ता की मौत हो गई। दो अधिवक्ता समेत तीन व्यक्ति घायल हुए। इनमें एक महिला अधिवक्ता भी शामिल हैं।

मेरठ की महिला अधिवक्ता जसप्रीत कौर अपने जूनियर अधिवक्ता आमिर तथा एक अन्य अधिवक्ता राजकुमार के साथ कार से शुक्रवार को कस्बा बड़ौत में एक शादी समारोह में आई थीं। कार को युवक कुशाल चला रहे थे। सभी लोग शादी समारोह में शामिल होकर कार से बागपत होते हुए वापस मेरठ लौट रहे थे। ग्राम सिघावली अहीर पुलिया के निकट कार व ट्रक की आमने-सामने की जबरदस्त भिड़ंत हो गई। इससे कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई। राहगीरों ने कार से घायल चालक व अधिवक्ताओं को निकाला और पिलाना सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां पर चिकित्सकों ने अधिवक्ता आमिर को मृत घोषित किया। अधिवक्ता जसप्रीत कौर व राजकुमार को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया। बाद में हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल से भी उन्हें मेरठ मेडिकल कालेज के लिए रेफर किया गया। जबकि कुशाल को यहां उपचार दिया गया। वहीं ट्रक को घटना स्थल पर छोड़कर आरोपित चालक फरार हो गया। हादसे के बाद हाईवे पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लिया। उधर सिघावली अहीर थाना प्रभारी दीक्षित कुमार त्यागी का कहना है कि इस मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। ट्रक के आरोपित चालक की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। चिकित्सक मारपीट प्रकरण : पुलिसकर्मियों ने गलती मानी, विवाद हुआ खत्म

बागपत : नाइट क‌र्फ्यू के दौरान सड़क पर रात को घूमने पर तीन चिकित्सकों से मारपीट के मामले में चार पुलिसकर्मियों ने अपनी गलती मानी। साथ ही पुलिस अफसरों ने एक पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस पर चिकित्सक सहमत हो गए। अब यह विवाद खत्म हो गया।

बागपत सीएचसी के डा. विकास प्रकाश गत 19 जनवरी की रात करीब एक बजे दिल्ली रोड से दूध लेकर अपने साथी डा. जीके सिंह व डा. मुकेश कुमार के साथ कार से सीएचसी लौट रहे थे। आरोप था कि राष्ट्र वदंना चौक पर पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गाली-गलौज कर सड़क पर घसीटते हुए मारपीट की। उन्हें पुलिस गाड़ी से कोतवाली ले जाया गया था। घटना के विरोध में सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक व अन्य स्टाफ ने गुरुवार से काली पट्टी बांधकर काम करना शुरू कर दिया था। शुक्रवार को मीटिग में आंदोलन की रणनीति तैयार होने थी। इससे पहले ही पुलिस ने विवाद खत्म करा दिया। प्रांतीय चिकित्सक सेवा संघ के सचिव डा. यशवीर सिंह व पीड़ित डा. विकास प्रकाश का दावा है कि आरोपित चार पुलिसकर्मियों ने अपनी गलती मानी। साथ ही मारपीट की शुरूआत करने के आरोपित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई का पुलिस अफसरों ने आश्वासन दिया। इस पर वे सहमत है। उधर सीओ अनुज कुमार मिश्र का कहना है कि इस मामले में जांच चल रही है। जल्द ही जांच पूरी कर रिपोर्ट उच्चाधिकारी को सौंपी जाएगी। यह विवाद खत्म हो गया है। पुलिसकर्मियों व डाक्टरों के बीच क्या बात हुई? किसने गलती मानी? इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

Edited By Jagran

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