दिनभर बूंदाबांदी ने बढ़ाई ठंड, अभी नहीं मिलेगी राहत

जेएनएन बदायूं मौसम का मिजाज बुधवार को पूरी तरह बदला दिखाई दिया। सुबह से लेकर शाम तक बूंदाबांदी होती रही इससे गलन और ठिठुरन बढ़ गई है। दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। सर्द हवाएं चलने से पहाड़ों जैसी ठंडक का अहसास हुआ। जरूरी काम से निकले लोग गर्म कपड़ों के साथ शाल टोपी और मफलर बांधे दिखाई दिए। गुरुवार को भी मौसम इसी तरह बने रहने के संकेत दिखाई दे रहे हैं।

JagranPublish: Thu, 06 Jan 2022 12:40 AM (IST)Updated: Thu, 06 Jan 2022 12:40 AM (IST)
दिनभर बूंदाबांदी ने बढ़ाई ठंड, अभी नहीं मिलेगी राहत

जेएनएन, बदायूं : मौसम का मिजाज बुधवार को पूरी तरह बदला दिखाई दिया। सुबह से लेकर शाम तक बूंदाबांदी होती रही, इससे गलन और ठिठुरन बढ़ गई है। दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। सर्द हवाएं चलने से पहाड़ों जैसी ठंडक का अहसास हुआ। जरूरी काम से निकले लोग गर्म कपड़ों के साथ शाल, टोपी और मफलर बांधे दिखाई दिए। गुरुवार को भी मौसम इसी तरह बने रहने के संकेत दिखाई दे रहे हैं।

बुधवार सुबह हर तरफ धुंध छाई हुई थी। सुबह नौ बजे के बाद से बूंदाबांदी शुरू हो गई। यह सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा। जरूरी काम से घर से निकले लोग ठिठुरते हुए जाते दिखाई दिए। पिछले दिसंबर महीने से ही मौसम में उतार-चढ़ाव चल रहा है, लेकिन जनवरी महीने में पहली बार मौसम इतना खराब हुआ है। बाजारों में भीड़ कम दिखाई पड़ी, सर्दी से बचाव के लिए दुकानदार अंगीठी जलाए हुए थे। शाम पांच बजे के बाद ही सड़कों पर सन्नाटा दिखाई दिया, बाजार भी जल्द बंद हो गए। जिले का न्यूनतम तापमान 13 और अधिकतम 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम के जानकारों के मुताबिक कल भी बारिश के आसार बने हुए हैं। रविवार तक ठंड से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं दिख रही है।

संसू, सैदपुर : बुधवार को सुबह से मौसम का मिजाज बदलता रहा। बादल की वजह से अंधेरा छाया रहा तो दोपहर बाद बूंदाबांदी होती रही। हवा से सर्दी बढ़ गई। नगर पंचायत प्रशासन की ओर से भी चौराहों पर अलाव लगवाए गए। बदले मौसम से गेहूं की फसल का लाभ है। वहीं, खराब मौसम के बाद भी लोगों ने सीएचसी केंद्र पर पहुंचकर टीकाकरण कराया दोपहर तक 74 लोगों को वैक्सीन लगाई गई।

सीएम के आदेश के बाद भी खुले स्कूल

कोरोना संक्रमण बढ़ने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10वीं तक के विद्यालयों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। इसके बाद भी कुछ विद्यालय खुले रहे। बच्चे ठिठुरते हुए विद्यालय पहुंचे। हालांकि विद्यालयों में छात्रों की संख्या कम रही। कांवेंट स्कूलों में असमंजस की स्थिति बनी रही। स्कूल संचालकों का तर्क है कि जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से उन्हें कोई निर्देश नहीं मिले हैं। डीआइओएस डा.प्रवेश कुमार का कहना था कि शासन का आदेश दोपहर तक नहीं मिल पाया था। आदेश मिलने के बाद दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। दोपहर बाद प्राइवेट स्कूल संचालकों की ओर से भी छुट्टी के संदेश जारी किए जाने लगे।

Edited By Jagran

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