मिलों की संबद्धता के साथ धान खरीद में आएगी तेजी : एडीएम

किसानों से धान खरीदने के बजाय उन्हें केंद्रों से लौटाया जा रहा है।

JagranPublish: Wed, 01 Dec 2021 08:56 PM (IST)Updated: Wed, 01 Dec 2021 08:56 PM (IST)
मिलों की संबद्धता के साथ धान खरीद में आएगी तेजी : एडीएम

अंबेडकरनगर: किसानों से धान खरीदने के बजाय उन्हें केंद्रों से लौटाया जा रहा है। कहीं बोरे का टोंटा है तो कहीं रखने की जगह नहीं है। इक्का-दुक्का क्रय केंद्रों को छोड़ हर जगह किसानों की कमाई पर डाका डाला जा रहा है। खुलेआम प्रति क्विटल 10 किलो तक कटौती हो रही है। बेसहारा पशुओं से भी किसानों को हानि हो रही है। राजस्व संबंधी दिक्कतें अलग से हैं। इन्हीं सब मुद्दों पर सवालों का जवाब देने के लिए बुधवार को एडीएम अशोक कुमार कनौजिया दैनिक जागरण कार्यालय में मौजूद रहे। उन्होंने किसानों व अन्य शिकायतकर्ताओं को ध्यान से सुन जल्द इनके निस्तारण का आश्वासन दिया। उनके समक्ष जमीन की पैमाइश, धान खरीद, बेसहारा पशुओं से निजात दिलाने, शौचालय निर्माण आदि से जुड़ी ढेरों शिकायतें आईं। प्रस्तुत है ब्यौरा..

जमीन की पैमाइश कराने के लिए बीते छह अगस्त से दौड़ रहा हूं। तहसील दिवस में भी राहत नहीं मिली। एक विभागीय अधिकारी को पैसा देने के साथ उनकी गाड़ी में 20 लीटर डीजल भी भरवाया, लेकिन आज तक पैमाइश नहीं हुई।

मंतलाल यादव, जफ्फरपुर, जलालपुर।

पैमाइश व किसी भी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसी को भी पैसा देने की जरूरत नहीं है। शनिवार को जलालपुर थाने में समाधान दिवस के मौके पर आएं। वहां पर इस समस्या का निदान कर दिया जाएगा।

- भीटी के खाद्य विपणन केंद्र प्रभारी धान खरीदने की तारीख जनवरी में दे रहे हैं। ऐसा क्या करें कि तौल जल्द हो जाए।

अनंत बहादुर सिंह, उमरवां, भीटी।

भीटी ब्लाक में कई क्रय केंद्र बने हैं। वहां बात कर लें, अपने नजदीकी केंद्र पर धान की तौल करा लें। यदि नंबर वाले दिन आपकी तौल न हो तो शिकायत करें। जांच कर कार्रवाई करेंगे।

- क्रय केंद्रों पर निर्धारित पल्लेदारी से अधिक राशि वसूली जा रही है। इसके साथ ही छोटे किसानों का धान नहीं तौला जा रहा है।

रवींद्र मिश्रा, भीटी।

किसी भी केंद्र पर कोई भी किसान निर्धारित मूल्य से अधिक पल्लेदारी कतई न दे। सभी किसानों का धान तौला जाएगा और छोटे किसानों के लिए दिन आरक्षित है। इसकी जानकारी कर अपनी उपज भेज सकते हैं। - भियांव ब्लाक के निजामपुर में एक पुलिया बनने का प्रस्ताव है, लेकिन इस पर कोई भी कार्य नहीं हो रहा है।

जगदंबा प्रसाद सिंह, मठिया, भियांव।

पुलिया निर्माण किस कार्यदायी संस्था द्वारा कराया जाना प्रस्तावित है, इसकी जानकारी कर जल्द ही निर्माण शुरू कराया जाएगा।

- धान बेचने के लिए आनलाइन सत्यापन टांडा में नहीं हो पा रहा है, इससे किसान परेशान हैं।

शैलेष वर्मा, टांडा।

सत्यापन करने के लिए सभी तहसीलों में सख्त निर्देश दिया गया है। इसमें ढिलाई कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आपकी शिकायत की जांच कराई जाएगी।

- सूची में नाम आने के बाद भी आवास नहीं दिया गया, जबकि घर कच्चा है, वह भी बारिश में गिर गया। इसमें मैं अकेली रहती हूं और मेरे पति की मौत हो चुकी है। बेटा जीवन यापन करने के लिए प्रदेश रहता है।

निर्मला देवी, मठिया निजामपुर, भियांव।

संबंधित खंड विकास अधिकारी से मिलकर इस समस्या को उनके समक्ष रखें। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि पात्र हैं तो आवास जरूर मिलेगा।

- छुट्टा जानवरों से खेतों में काफी नुकसान हो रहा है। दिन-रात फसलों की रखवाली करनी पड़ रही है। भियांव के रत्ना में गोशाला है, लेकिन वहां पांच जानवर से अधिक नहीं रखे हैं।

संतोष कुमार मिश्र, बंदीपुर व विक्रांत मिश्र, कटेहरी, महापारा पशुओं को पकड़ कर गोशाला पर ले जाएं। बीडीओ व ग्राम पंचायत अधिकारी से मिलकर उनको बताएं। यदि पांच जानवर से अधिक नहीं हैं तो जांच कराकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

- धान बेचने के लिए कई सप्ताह से केंद्र पर ट्राली लेकर खड़े हैं, लेकिन अभी तक नंबर नहीं मिल सका है। महरुआ केंद्र पर धान लदी 257 ट्रालियां खड़ी हैं।

राम मुंदर, मथानी, कटेहरी। राइस मिलों की संबद्धता समय से नहीं होने पर समस्या आई है, लेकिन अब मिलों को तेजी से संबद्ध किया जा रहा है। दो से तीन दिन में धान खरीद में पूरी तरह से तेजी आ जाएगी।

- धान समय से नहीं बिक रहा है। इसके साथ गोशाला का लाभ दिलाने की मांग सचिव से कई बार की, लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है।

जनार्दन कुमार, जमुना पट्टी, रामनगर। केंद्रों पर जल्द धान खरीद में तेजी आएगी और सभी किसानों से धान जरूर क्रय किया जाएगा। गोशाला का लाभ किस प्रकार प्राप्त करना है, इसके लिए पशुपालन विभाग से भी संपर्क कर पूरी जानकारी अवश्य लें।

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जागरण के सवाल : खाद न मिलने के साथ किसान धान नहीं बेच पा रहे हैं। क्या समस्या आ रही है। रबी फसलों की बुआई के लिए सभी सहकारी और निजी संस्थानों पर उर्वरक मुहैया करा दी गई है। कहीं पर यदि समस्या संज्ञान में आ रही है तो उसे दूर किया जा रहा है। समय से मिलों की संबद्धता नहीं होने से धान खरीद में समस्या आ गई है। इससे धीरे-धीरे समाप्त किया जा रहा है।

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कोविड से संक्रमित होने के बाद जिनकी मौत हो चुकी है, उनके परिवारजन की क्या मदद हो रही है। कोरोना संक्रमित जिन भी लोगों की मौत हुई है, उनके परिवारजन को 50 हजार रुपये की मदद दी जा रही है। इसके साथ ही सरकारी सेवा में जो रहे उन्हें मुआवजा दिया जा चुका है।

Edited By Jagran

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