याद करें कभी रेलवे स्‍टेशन पर एक रुपये में मिलता था पानी, अब खस्‍ताहाल हैं रेलवे के वाटर एटीएम

प्रयागराज रेलवे जंक्‍शन पर वाटर एटीएम खस्ताहाल हैं और इसके जल निकासी स्थल धूल फांक रहे हैं मशीन के अंदर कपड़े झाडू और गंदगी भरी हुई है। इनकी हालत महीनों से इसी तरह से बनी हुई है। वाटर एटीएम की सुध लेने वाला शायद कोई नहीं है।

Brijesh SrivastavaPublish: Sun, 05 Dec 2021 10:48 AM (IST)Updated: Sun, 05 Dec 2021 10:48 AM (IST)
याद करें कभी रेलवे स्‍टेशन पर एक रुपये में मिलता था पानी, अब खस्‍ताहाल हैं रेलवे के वाटर एटीएम

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। रेलवे का वह भी दौर था, जब रेलवे स्‍टेशन पर यात्रियों को मात्र एक रुपये में पानी मिल जाता था। गर्मी की प्‍यास एक रुपये में बुझ जाती थी तो यात्री रेलवे को धन्‍यवाद भी देते थे। हालांकि अब यह बीते दिनों की ही बात हो गई है। ऐसा इसलिए कि रेलवे की यह सुविधा परवान नहीं चढ़ सकी और अब धराशायी हो गई है।

वाटर एटीएम खस्‍ताहाल है

प्रयागराज रेलवे जंक्‍शन पर वाटर एटीएम खस्ताहाल हैं और इसके जल निकासी स्थल धूल फांक रहे हैं, मशीन के अंदर कपड़े, झाडू और गंदगी भरी हुई है। इनकी हालत महीनों से इसी तरह से बनी हुई है। वाटर एटीएम की सुध लेने वाला शायद कोई नहीं है।

कोरोना संक्रमण के दौरान बंद वाटर एटीएम फिर नहीं शुरू हुए

प्रयागराज रेलवे जंक्शन पर आठ वाटर एटीएम लगाए गए थे, यात्रियों को सुविधा भी मिलने लगी थी। यात्री दुकानों से 15 रुपये में पानी की बोतल खरीदने के बजाय वाटर एटीएम से पानी ले लेते थे। हालांकि कोरोना वायरस संक्रमण काल के दौरान बंद हुई यह सुविधा दोबारा नहीं शुरू हो सकी। जंक्शन पर हालात यह है कि वाटर एटीएम धूल फांक रहे हैं। अधिकांश को कूड़ा घर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

2016 में प्रयागराज जंक्शन पर हुई थी शुरुआत

प्लेटफार्म नंबर एक पर लगे वाटर एटीएम पर आज भी उसके उद्घाटन के दौरान लगाई गई चमचमाती शिलापट्ट लगी है। जिसमें लिखा है कि इसका उद्घाटन तत्कालीन सांसद केशव प्रसाद मौर्य व श्यामा चरण गुप्ता ने पांच सितंबर 2016 को किया था। इसके अलावा इसकी बदहाल स्थिति यात्रियों को अब चिढ़ाती है। वाटर एटीएम के जंक्शन पर बेहद खराब प्रदर्शन के चलते इन पर रेलवे का लंबा बकाया हो चुका है और इनकी टेंडर अवधि खत्म हो गई है। ऐसे में अब इन एटीएम के दोबारा शुरू होने की संभावना नहीं है।

पानी की यात्रियों के लिए यह थी व्यवस्था

वाटर एटीएम के माध्यम से यात्री एक रुपये में 300 एमएल, तीन रुपये में 500 एमएल और पांच रुपये में एक लीटर, आठ रुपये में दो लीटर व 20 रुपये में पांच लीटर मिनरल वाटर प्राप्त करते थे। इससे गरीब यात्रियों को स्वच्छ व ठंड पेयजल आसानी से कम पैसे में मिल जाता था। हालांकि अब वाटर एटीएम बंद होने से यात्रियों को महंगे दामों में ही पानी खरीदना पड़़ रहा है।

आइआरसीटीसी दे रही थी व्यवस्था

आइआरसीटीसी ने प्रयागराज रेलवे जंक्शन पर आठ वाटर एटीएम लगाए थे। इनका संचालन प्राइवेट कंपनी करती थी। मार्च 2020 में कोरोना लाकडाउन शुरू हुआ तो वाटर एटीएम बंद हुए। अब यात्री सुविधाएं फिर से बहाल होने लगी हैं लेकिन वाटर एटीएम दोबारा नहीं खुल सके। रेलवे सूत्रों ने बताया कि कंपनी ने वाटर एटीएम चालने में हाथ खड़ा कर दिया है और अब कंपनी पर लंबा बकाया भी है।

हटाए जाएंगे वाटर एटीएम

रेलवे प्लेटफार्म पर लगे वाटर एटीएम बंद होने के बाद अब इन्हें हटाए जाने पर रेलवे विचार कर रहा है। संभावना है कि माह के अंत तक रेलवे इस पर फैसला लेगा। जब तक वाटर एटीएम को लेकर कोई दूसरा टेंडर नहीं होता और किसी नई कंपनी को वाटर एटीएम चालने की जिम्मेदारी नहीं मिलती, तब तक स्टेशन पर लोगों को महंगे दाम में ही पानी खरीद कर पीना पड़ेगा।

Edited By Brijesh Srivastava

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept