उप्र राजर्षि टंडन मुक्‍त विश्‍वविद्यालय के दीक्षा समारोह में शिक्षार्थियों को पदकों से नवाजा गया

यूपी राजर्षि टंडन मुक्‍त विश्‍वविद्यालय के दीक्षा समारोह में शिक्षार्थियों को पदकों से अलंकृत किया गया। मुख्य अतिथि गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रमाशंकर दुबे ने कहा कि छात्र ही देश के भविष्य हैं। छात्र ही हमारे देश के भविष्य हैं। इनसे राष्ट्र के विकास को गति मिलती है।

Brijesh SrivastavaPublish: Fri, 28 Jan 2022 08:22 AM (IST)Updated: Fri, 28 Jan 2022 02:17 PM (IST)
उप्र राजर्षि टंडन मुक्‍त विश्‍वविद्यालय के दीक्षा समारोह में शिक्षार्थियों को पदकों से नवाजा गया

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय का 16वां दीक्षा समारोह आज शुक्रवार को आयोजित हुआ। इसमें प्रतिभाओं को सम्‍मानित किया गया। आनलाइन और आफलाइन दोनों मोड में होने वाले दीक्षा समारोह को लेकर शिक्षार्थी उत्‍साहित रहे। दीक्षा समारोह के मुख्‍य अतिथि गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाशंकर दुबे थे।

छात्र ही देश के भविष्‍य हैं : प्रोफेसर रमाशंकर दुबे

दीक्षा समारोह में मुख्य अतिथि गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रमाशंकर दुबे ने कहा कि छात्र ही देश के भविष्य हैं। छात्र ही हमारे देश के भविष्य हैं। इनसे राष्ट्र के विकास को गति मिलती है। प्रोफेसर दुबे ने कहा जीवन में अपना लक्ष्य निर्धारित करें। इसके अनुरूप अथक परिश्रम करें सफलता निश्चित मिलेगी। उन्‍होंने कहा कि शिक्षा आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण का एक सशक्त माध्यम है। भारत को हर क्षेत्र में समृद्ध बनाने के लिए उच्च शिक्षा एक अनिवार्य कारक है। उच्च शिक्षा के स्तर से ही समाज की स्थिति एवं उसकी उन्नति का पता चलता है।

आरटीओयू में शोध के क्षेत्र में नई पहल पर जताई खुशी

प्रोफेसर दुबे ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं की पहचान में गुणवत्तायुक्त और नवाचारयुक्त शोध का बहुत महत्व है। शोध एवं अन्वेषण के फलस्वरुप ही कृषि, विज्ञान, चिकित्सा, प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति आई है। उन्होंने हर्ष व्यक्त किया कि राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय ने भी शोध के क्षेत्र में नई पहल प्रारंभ की है। प्रोफेसर दुबे ने दीक्षांत समारोह में शामिल शिक्षकों एवं मेधावी छात्रों से आग्रह किया कि सभी मिलजुल कर एक ऐसा वातावरण और व्यवस्था विकसित करें जिसमें सबको अपने कर्तव्य को पूर्ण ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करने का अवसर मिले। उन्होंने छात्रों को मंत्र देते हुए कहा कि शिक्षा जीवन पर्यंत जारी रहने वाली सारस्वत प्रक्रिया का नाम है। अतः हमें जीवन भर निरंतर पढ़ने और सीखने की लालसा बनाए रखनी चाहिए।

मोनिका को कुलाधिपति व विश्‍वविद्यालय स्‍वर्ण पदक

दीक्षा समारोह में चित्रकूट के राजापुर निवासी क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र में लखनऊ की योग छात्रा मोनिका पांडेय को कुलाधिपति और विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। सारनाथ स्थित आशापुर की डाक्टर प्रियंका सिंह को विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक और स्व. सुशील प्रकाश गुप्ता स्मृति स्वर्ण पदक से अलंकृत किया गया।

कोविड-19 प्रोटोकाल के तहत दीक्षा समारोह

उप्र राजर्षि टंडन मुक्‍त विश्‍वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सीमा सिंह ने बताया था कि विश्वविद्यालय के सरस्वती परिसर स्थित नवनिर्मित अटल प्रेक्षागृह सभागार में कोविड-19 प्रोटोकाल का अनुपालन करते हुए दोपहर 12 बजे से दीक्षा समारोह आयोजित गया।

सर्वाधिक अंक पाने वाले शिक्षार्थियों को 21 पदक

समारोह में विभिन्न विद्या शाखाओं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले शिक्षार्थियों को कुल 21 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। 10 पदक छात्रों और 11 छात्राओं की झोली में आए। समारोह में सत्र दिसंबर-2020 तथा जून-2021 की परीक्षा के सापेक्ष उत्तीर्ण 19 हजार 151 शिक्षार्थियों को उपाधि भी प्रदान की गई। इनमें 11225 पुरुष तथा 7926 महिला शिक्षार्थी हैं।

कुलाधिपति राज्‍यपाल आनंदी बेन पटेल नहीं हो सकीं शामिल

दीक्षा समारोह में उप्र राजर्षि टंडन मुक्‍त विश्‍वविद्यालय की कुलाधिपति की हैसियत से राज्यपाल आनंदी बेन पटेल समारोह को अध्यक्षता करने के साथ दीक्षांत भाषण देना था। उन्‍हें समारोह में आनलाइन मोड में शामिल होना था। हालांकि किन्‍हीं कारणों से वे नहीं शामिल हो सकीं। मुख्य अतिथि के अलावा पदकवीरों को ही समारोह में शामिल होने का मौका मिला। समारोह के बाद डाक के माध्यम से डिग्रियां शिक्षार्थियों के घर भेजी जाएंगी। इसकी तैयारी भी पूरी कर ली गई है।

Edited By Brijesh Srivastava

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept