UP Chunav 2022: जानिए कैसे 2017 में चायल विधानसभा में शह-मात की चाल में बदला सरताज

2017 में भाजपा का हिंदुत्व का मुद्दा पूरे तौर पर चुनाव में छाया रहा। इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी संजय गुप्ता को रिकार्ड 85713 मत मिले। दूसरे नंबर पर कांग्रेस प्रत्याशी तलत अजीम रहे। 45597 लेकर उन्होंने चायल विधानसभा में अपनी पार्टी में जान फूंक दी।

Ankur TripathiPublish: Fri, 21 Jan 2022 12:10 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 12:10 PM (IST)
UP Chunav 2022: जानिए कैसे 2017 में चायल विधानसभा में शह-मात की चाल में बदला सरताज

चायल चुनाव खास बात

-बसपा की लगातार हो रही जीत पर 2017 में भाजपा ने लगाई रोक

-पिछले तीन चुनाव में साइकिल एक बार भी रेस जीत नहीं पाई

-36,742 वोट लेकर 2007 के चुनाव में बसपा प्रत्याशी दयाराम जीते

-54,796 वोट पाकर 2012 में बसपा प्रत्याशी आशिफ जाफरी विधायक बने

-85,713 मत लेकर 2017 में भाजपा प्रत्याशी संजय गुप्ता विजयी हुए

राजकुमार श्रीवास्तव, कौशांबी। दोआबा की चायल विधानसभा सीट पर शह-मात की चाल में पिछले चुनाव में सरताज बदल गया। लगातार तीन बार से विधायक की कुर्सी पर काबिज रही बसपा को भाजपा ने बेदखल किया। सुरक्षित सीटों में दर्ज रही चायल में समाजवादी पार्टी कड़े संघर्ष के बाद भी जीत हासिल नहीं कर पाई है। यहां कांग्रेस पार्टी फिर अपनी ताकत दिखाने में कोई कसर छोड़ नहीं रही है। चायल में मुकाबला टक्कर का होता है। देखना होगा कि इस बार कौन सी पार्टी बाजी मारती है।

2007 में बसपा के दयाराम ने दोबारा हासिल की थी जीत

2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने चायल से दयाराम पर दांव चला था।उन्होंने पार्टी की झोली में लगातार दूसरी बार चायल सीट डाली थी। बसपा प्रत्याशी दयाराम को 36,742 मत मिले थे। उनके प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी प्रत्याशी रामचंद्र पासी को 21,782 मत ही मिल पाए थे। 14,960 मतों के बड़े अंतर से बसपा की जीत हुई थी। तीसरे स्थान पर भाजपा प्रत्याशी शिवदानी रहे थे। उन्हें 19,929 वोट मिले थे।

2012 में बसपा के ही आसिफ जाफरी रहे विजेता

2012 के चुनाव में बसपा ने फिर सीट पर कब्जा जमाया। बसपा प्रत्याशी आसिफ जाफरी 54,796 मत लेकर विजयी हुए। समाजवादी पार्टी प्रत्याशी चंद्रबली पटेल 53,506 लेकर भी विधायक की दौड़ जीत नहीं सके। 1,290 मतों ने उनके सपने को चकनाचूर कर दिया। अपना दल प्रत्याशी शशिभूषण तीसरे व कांग्रेस प्रत्याशी विजय प्रकाश चौथे स्थान पर रहे थे। उन्हें क्रमश: 21,756 और 14,547 मत मिले थे।

2017 में हिंदुत्व के मुद्दे पर संजय गुप्ता रहे विजयी

2017 में भाजपा का हिंदुत्व का मुद्दा पूरे तौर पर चुनाव में छाया रहा। इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी संजय गुप्ता को रिकार्ड 85,713 मत मिले। दूसरे नंबर पर कांग्रेस प्रत्याशी तलत अजीम रहे। 45,597 लेकर उन्होंने चायल विधानसभा में अपनी पार्टी में जान फूंक दी। 40,116 वोट से संजय गुप्ता यह चुनाव जीत गए। तीसरे स्थान पर बसपा प्रत्याशी मोहम्मद आसिफ जाफरी रहे थे। उन्हें 43,776 वोट मिले थे। मगर वह अपनी विधायकी बचा नहीं पाए थे। इस बार देखना होग कि चायल की कुर्सी पर कौन बैठता है।

नोटा की संख्या कई प्रत्याशियों के मतों से ज्यादा रही

2017 के चुनाव में विभिन्न राजनीतिक पार्टियों सहित 16 उम्मीदवार मैदान में कूद थे। मजेदार बात यह थी कि नोटा का बटन दबाने वालों की संख्या 1,352 रही थी। जो कई प्रत्याशियों के कुल मत से ज्यादा थी।

चायल का अंक गणित

-3,85,814 कुल मतदाता

-20,56,33 पुरुष मतदाता

-18,01,70 महिला मतदाता

-8922 वोटर हैं 18-19 आयु के

-3491 मतदाता हैं 80 से 89 साल के

-65 मतदाता हैं 100 से अधिक उम्र के

Edited By Ankur Tripathi

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