UP Election 2022: जानें सियासी दलों का ट्विटर पर क्‍या चल रहा है घमासान, क्‍या है रणनीति

UP Election 2022 यूपी कांग्रेस के ट्विटर हैंडिल से सरकार को घेरने की कोशिश की गई। इसमें लिखा गया कि इलाहाबाद में भर्ती विधान युवा संसद की पहले अनुमति दी गई लेकिन प्रशासन ने आज कार्यक्रम के दिन कोविड का बहाना बनाकर अनुमति रद कर दी।

Brijesh SrivastavaPublish: Sat, 29 Jan 2022 03:17 PM (IST)Updated: Sat, 29 Jan 2022 03:17 PM (IST)
UP Election 2022: जानें सियासी दलों का ट्विटर पर क्‍या चल रहा है घमासान, क्‍या है रणनीति

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए...। कवि दुष्यंत कुमार की यह पंक्तियां आज के सियासी दौर में बिल्कुल उलट महसूस होती हैं। यहां सभी दलों का लक्ष्य है, हंगामा हो, ड्रामा हो फिर एक्शन तभी कटेगी वोटों की फसल। कभी किसान के नाम पर तो कभी छात्र के नाम पर। कभी जात तो कभी धर्म, कभी लोकतंत्र की आवाज तो कभी कानून व्यवस्था को मुद्दा बनाया जाता है। ताजा घमासान जिलों के नाम को लेकर मचा है।

भाजपा का ट्विटर अकाउंट

भाजपा उत्तर प्रदेश के ट्विटर अकाउंट से पोस्ट किया गया है कि जो जिन्न से करे प्यार, वो मुगल निशानियों से कैसे करे इनकार। इसमें समाजवादी पार्टी के लेटर हेड पर विभिन्न जिलों के उम्मीदवारों के नाम लिखे हैं। प्रयागराज के फूलपुर सीट से जिस उम्मीदवार का नाम लिखा है उसके सामने जिले का उल्लेख इलाहाबाद किया गया है। इसी तरह अयोध्या की जगह फैजाबाद जिले का नाम लिखा है। इसके साथ टिप्पणी की गई है कि ये अगर आ गए तो फिर प्रयागराज को इलाहाबाद और अयोध्या को फैजाबाद कर देंगे। इस ट्वीट पर पक्ष और विपक्ष में प्रतिक्रिया दी जा रही है। कुछ लोगों ने भाजपा की तरफ से जारी प्रत्याशियों की सूची व सीट के नाम का उल्लेख किया है। उसमें भी इलाहाबाद पश्चिमी और दक्षिणी विधानसभा लिखा है।

सपा के ट्विटर हैंडल पर यह चल रहा

इसी तरह सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अमर जवान ज्योति को मुद्दा बनाते हुए अमर जवान ज्योति...फिर जलेगी अमर रहेगी... लिखने के साथ अपनी तस्वीर जलते हुए दीपक के साथ पोस्ट की है। सपा के ट्विटर हैंडल से लिखा गया कि किसान एकता का नारा हमारी ताकत भाईचारा।

कांग्रेस के ट्विटर हैंडल पर सरकार को घेरने की कोशिश

यूपी कांग्रेस के ट्विटर हैंडिल से सरकार को घेरने की कोशिश की गई। इसमें लिखा गया कि इलाहाबाद में भर्ती विधान युवा संसद की पहले अनुमति दी गई लेकिन प्रशासन ने आज कार्यक्रम के दिन कोविड का बहाना बनाकर अनुमति रद कर दी। इसी ट्वीट में एनएसयूआइ के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने वीडियो में कहा कि पहले ही तय था कि इलाहाबाद में भर्ती विधान युवा संसद का आयोजन होगा। सरदार पटेल संस्थान अलोपी बाग में स्थान तय किया गया था। ऐन मौके पर यहां भारी पुलिस बल लगाकर आपात काल जैसी स्थिति पैदा कर दी गई। फिर भी कार्यक्रम होकर रहेगा।

Edited By Brijesh Srivastava

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