यूपी चुनाव 2022: प्रतापगढ़ की इस सीट पर वर्ष 1991 में भाजपा को जनता दल ने दी थी पराजय

UP Vidhan Sabha Chunav 2022 प्रतापगढ़ के बीरापुर सीट पर जनता दल के प्रत्याशी श्याद अली निर्वाचित हुए थे। खासियत यह रही कि श्याद अली अन्य छह सीटों से निर्वाचित विधायकों से सबसे अधिक 30388 मत पाए थे लेकिन उनकी जीत सबसे कम मत (372) से हुई थी।

Brijesh SrivastavaPublish: Wed, 26 Jan 2022 01:52 PM (IST)Updated: Wed, 26 Jan 2022 01:52 PM (IST)
यूपी चुनाव 2022: प्रतापगढ़ की इस सीट पर वर्ष 1991 में भाजपा को जनता दल ने दी थी पराजय

प्रयागराज, [दिनेश सिंह]। यहां बात हो रही है वर्ष 1991 के विधान सभा चुनाव की। उस चुनाव में प्रतापगढ़ में भाजपा की लहर में बीरापुर सीट पर कमल को पीछे कर जनता दल का चक्र आगे निकल गया था। उस समय भाजपा को जहां पांच सीटों पर कामयाबी मिली थी, वहीं जनता दल का परचम श्याद अली ने बीरापुर सीट पर लहराया था। हालांकि रामपुर खास की सीट कांग्रेस के कब्जे में आई थी।

भाजपा को इन सीटों पर मिली थी जीत

1991 के चुनाव में भाजपा को कुंडा, बिहार, गड़वारा, सदर, पट्टी विधानसभा क्षेत्र में कामयाबी मिली थी। कुंडा में भाजपा प्रत्याशी शिव नारायण मिश्र ने पूर्व विधान सभाध्यक्ष नियाज हसन को 1865 मतों से हराया था। बिहार सीट पर भाजपा प्रत्याशी सुरेश भारती ने जनता दल के सुरेश चंद्र को 1671 मत, गड़वारा सीट पर भाजपा प्रत्याशी रमेश बहादुर सिंह ने जनता दल के बृज नाथ पाल को 7632 मत, सदर सीट पर भाजपा प्रत्याशी बृजेश शर्मा ने जनता दल के अजीत प्रताप सिंह को 3016 मत, पट्टी सीट पर भाजपा प्रत्याशी शिवाकांत ओझा ने जनता दल प्रत्याशी शक्ति सिंह को 3335 मतों से हराया था।

बीरापुर सीट पर जलता दल के प्रत्‍याशी श्‍याद अली जीते थे

बीरापुर सीट पर जनता दल के प्रत्याशी श्याद अली निर्वाचित हुए थे। खासियत यह रही कि श्याद अली अन्य छह सीटों से निर्वाचित विधायकों से सबसे अधिक 30,388 मत पाए थे, लेकिन उनकी जीत सबसे कम मत (372) से हुई थी। भाजपा के प्रत्याशी लक्ष्मी नारायण पांडेय गुरुजी दूसरे स्थान पर थे। गड़वारा के विधायक रमेश बहादुर सिंह को 27,253 मत, पट्टी के विधायक शिवाकांत ओझा को 27,137 मत, रामपुर खास के विधायक प्रमोद तिवारी को 26,905 मत, सदर के विधायक बृजेश शर्मा को 26,113 मत, कुंडा के विधायक शिव नारायण मिश्र को 21,197 मत और बिहार के विधायक सुरेश भारती को 19,236 मत मिले थे।

Edited By Brijesh Srivastava

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