प्रयागराज-लखनऊ सड़क मार्ग पर सफर होगा आसान, रायबरेली तक बनेगा फोनलेन

प्रयागराज-लखनऊ मार्ग पर रायबरेली तक बनने वाले फोन बनाने की तैयारी तेज हो गई है। इस रास्ते में सोरांव तहसील के नौ गांवों के लोगों ने सड़क की जमीन पर 681 अवैध कब्जे किए हैं। अब इन कब्जों को खाली करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।

Brijesh SrivastavaPublish: Mon, 17 Jan 2022 11:23 AM (IST)Updated: Mon, 17 Jan 2022 11:23 AM (IST)
प्रयागराज-लखनऊ सड़क मार्ग पर सफर होगा आसान, रायबरेली तक बनेगा फोनलेन

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। प्रयागराज से लखनऊ तक सफर अब और आरामदायक हाेगा। संगम नगरी से प्रदेश की राजधानी तक का रास्ता सुगम हो जाएगा। इस रास्ते में रायबरेली से लखनऊ तक फोरलेन सड़क बनी हुई है। अब रायबरेली से प्रयागराज तक फोरलेन बनाने का काम शुरू हो गया है। इसके बनने के बाद वाहन फर्राटा भरेंगे। लखनऊ तक सफर में समय भी बचेगा।

लखनऊ मार्ग के चौड़ीकरण में ढहाए जाएंगे 681 अवैध कब्जे

प्रयागराज-लखनऊ मार्ग पर रायबरेली तक बनने वाले फोन बनाने की तैयारी तेज हो गई है। इस रास्ते में सोरांव तहसील के नौ गांवों के लोगों ने सड़क की जमीन पर 681 अवैध कब्जे किए हैं। अब इन कब्जों को खाली करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। एक सप्ताह में लोग खुद कब्जा खाली न किए तो इसे गिरा दिया जाएगा।

एनएचएआइ रायबरेली ने शुरू किया काम

रायबरेली से प्रयागराज तक राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण का काम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) रायबरेली ने शुरू कर दिया है। चौड़ीकरण के लिए एनएचएआइ को कुछ जमीनें खरीदनी पड़ रही है, उसके अधिग्रहण का काम चल रहा है। वहीं आबादी क्षेत्र में तमाम लोगों ने सड़क की जमीन पर कब्जा करके मकान, दुकान और धर्म स्थल बना लिया है। उन कब्जों को खाली करने के लिए एनएचएआइ ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।

कब्‍जा खाली कराने को दी गई नोटिस

एनएचएआइ रायबरेली के परियोजना निदेशक एसबी सिंह ने कब्जा खाली कराने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। उन्होंने बताया कि सोरांव तहसील क्षेत्र के नौ गांव के लोगों ने सड़क की जमीन पर 681 अवैध कब्जा करके निर्माण कर लिया है। अवैध कब्जे को हटाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। सप्ताह भर में कब्जा न हटा तो एनएचएआइ की ओर से गिराया जाएगा। इन कब्जाधारकों को किसी तरह का मुआवजा नहीं दिया जाएगा।

Edited By Brijesh Srivastava

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept