अयोध्या की तर्ज पर निखारा जाएगा प्रयागराज को, बोले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य

संतों की आशा व जनभावनाओं के अनुरूप प्रयागराज का विकास अयोध्या की तर्ज पर किया जाएगा। जैसे प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या नए स्वरूप में निखर रही है वैसा ही स्थायी विकास प्रयागराज का कराया जाएगा। उक्त बातें प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कही।

Ankur TripathiPublish: Mon, 13 Sep 2021 01:36 PM (IST)Updated: Mon, 13 Sep 2021 06:06 PM (IST)
अयोध्या की तर्ज पर निखारा जाएगा प्रयागराज को, बोले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। तीर्थराज प्रयाग समस्त हिंदुओं की आस्था, विश्वास, समर्पण व साधना का केंद्र है। संतों की आशा व जनभावनाओं के अनुरूप प्रयागराज का विकास अयोध्या की तर्ज पर किया जाएगा। जैसे प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या नए स्वरूप में निखर रही है वैसा ही स्थायी विकास प्रयागराज का कराया जाएगा। उक्त बातें प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कही। श्रीवैकुंठ धाम आश्रम में रविवार को रामलीला महासंघ के प्रथम अधिवेशन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे उप मुख्यमंत्री ने स्वयं को सच्चा रामभक्त बताया।

गंगा-यमुना पर और पुल बनाने पर विचार चल रहा

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विहिप कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने श्रीराम मंदिर के लिए अनेक आंदोलनों में हिस्सा लिया है। आज भी मैं राम भक्त पहले हूं, उपमुख्यमंत्री बाद में। कहा कि हेतापट्टी को फाफामऊ व झूंसी को नैनी से जोडऩे के लिए गंगा-यमुना में पुल बनाने पर विचार चल रहा है। श्रीराम वनगमन का मार्ग व्यवस्थित व आकर्षित बनाया जाएगा।

प्रयागराज को मांस-मदिरा की बिक्री से मुक्त क्षेत्र घोषित हो

महासंघ के अध्यक्ष फूलचंद दुबे ने मथुरा,  वृंदावन की भांति प्रयागराज को मांस-मदिरा की बिक्री से मुक्त क्षेत्र घोषित करने की मांग की। टीकरमाफी आश्रम पीठाधीश्वर स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्मचारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दुर्गा पूजा कमेटियों को आर्थिक सहयोग प्रदान करती हैं। उसी तर्ज पर यूपी में दुर्गा पूजा व रामलीला कमेटियों को आर्थिक सहयोग मिलना चाहिए। जगद्गुरु घनश्यामाचार्य ने कहा कि प्रभु श्रीराम जिस मार्ग से गुजरे हैं उसे आकर्षक व सुविधायुक्त बनाया जाए।

संरक्षित की जाय प्राचीन धरोहरें, स्वामी वासुदेवानंद ने कहा

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि सनातन धर्म से जुड़े समस्त स्मारक व स्थलों को संरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। जगदगुरु श्रीधराचार्य, महंत सारंगधर, राजेंद्र पालीवाल, मधु चकहा, रामनरेश तिवारी 'पिंडीवासाÓ, अवधेश गुप्त, गणेश केशरवानी, डा. बालकृष्ण पांडेय, डा. शंभूनाथ त्रिपाठी, नागेंद्र सिंह, डा. बीके सिंह, दीपक समेत अन्य रहे।

Edited By Ankur Tripathi

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept