प्रयागराज जंक्शन को 1095 करोड़ रुपये से चमकाने की तैयारी, जानिए क्या होगा बदलाव

24 महीने के अंदर प्रयागराज जंक्शन की नई बिल्डिंग और सुविधाएं जनता को समर्पित की जाएंगी। सभी बिल्डिंगें दिव्यांग फ्रेंडली बनेगी। दिव्यांगों के लिए विशेष शौचालय तथा रैम्प बनेंगे। एयरपोर्ट की तरह रेलवे स्टेशन पर विश्वस्तरीय बिल्डिंग और यात्री सुविधाएं होंगी।

Ankur TripathiPublish: Sat, 22 Jan 2022 10:10 AM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 10:57 PM (IST)
प्रयागराज जंक्शन को 1095 करोड़ रुपये से चमकाने की तैयारी, जानिए क्या होगा बदलाव

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। सब कुछ ठीक रहा तो कुछ समय बाद प्रयागराज जंक्शन किसी आधुनिक एयरपोर्ट की तरह विकसित कर दिया जाएगा। उत्तर मध्य रेलवे के कानपुर, ग्वालियर और प्रयागराज रेलवे स्टेशन को पुनर्विकसित किया जाएगा जिसके बाद इनका स्वरूप ही बदल जाएगा।

विरासत और विकास भी की थीम पर होगा स्टेशन का बदलाव

24 महीने के अंदर नई बिल्डिंग और सुविधाएं जनता को समर्पित की जाएंगी। सभी बिल्डिंगें दिव्यांग फ्रेंडली बनेगी। दिव्यांगों के लिए विशेष शौचालय, रैम्प बनेंगे। एयरपोर्ट की तरह रेलवे स्टेशन पर विश्वस्तरीय बिल्डिंग और यात्री सुविधाएं होंगी। विरासत और विकास की थीम पर स्टेशन की बिल्डिंग को आकर्षक लुक मिलेगा। स्टेशन पहुंचने वाले द्वार से लेकर, वेटिंग रूम, शौचालय, रैम्प, एस्केलेटर जैसी मूलभूत सुविधाएं भी विश्वस्तरीय होंगी। नई बिल्डिंग की छत पर सोलर पैनल लगेंगे, जिससे ऊर्जा की बचत होगी।

प्रयागराज में सिविल लाइंस साइड में 400 करोड़ रुपये की लागत से 20483 स्क्वायर मीटर एरिया में पुनर्विकसित होगा। नई बिल्डिंग में दो हजार से अधिक यात्रियों के बैठने की होगी। इसी क्रम में कानपुर सेंट्रल 39744 स्क्वायर मीटर एरिया पुनर्विकसित होगा। यहां 1500 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। यहां 370 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय बिल्डिंग बनेगी। जबकि ग्वालियर रेलवे स्टेशन में 14463 स्क्वायर मीटर एरिया पुनर्विकसित होगा। 325 करोड़ की लागत से नई बिल्डिंग व सुविधाएं मिलेंगी। एनसीआर के तीनों रेलवे स्टेशन दो साल के अंदर पुनर्विकसित होंगे।

सीपीआरओ ने यह बताया

कानपुर, प्रयागराज और ग्वालियर रेलवे स्टेशन को 1095 करोड़ की लागत से 24 महीने के अंदर पुनर्विकसित किया जाएगा। यहां एयरपोर्ट की तर्ज पर विश्वस्तरीय सुविधाएं यात्रियों को मिलेंगी। नई बिल्डिंग दिव्यांग फ्रेंडली होंगी। विरासत और विकास की थीम पर इन्हें विकसित किया जाएगा।

- डा. शिवम शर्मा, मुख्य जन संपर्क अधिकारी, उत्तर मध्य रेलवे

Edited By Ankur Tripathi

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept