प्रयागराज में एमएनएनआइटी से एमटेक की छात्रा की मौत के पीछे उठ रहे कई सवाल, पुलिस जांच का विषय

जया के साथ हास्टल में रहने वाली सहपाठी छात्रा से संस्थान के कर्मचारियों और पुलिस ने पूछताछ की। यह भी कहा जा रहा है कि छात्रा के मोबाइल की भी जांच की जाएगी ताकि उससे घटना के संबंध में कोई सुराग मिल सके।

Brijesh SrivastavaPublish: Mon, 06 Dec 2021 08:20 AM (IST)Updated: Mon, 06 Dec 2021 08:20 AM (IST)
प्रयागराज में एमएनएनआइटी से एमटेक की छात्रा की मौत के पीछे उठ रहे कई सवाल, पुलिस जांच का विषय

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। प्रयागराज शहर के शिवकुटी स्थित मोतीलाल नेहरू राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान (एनएनएनआइटी) में एमटेक फाइनल की छात्रा जया पांडेय की रविवार को संदिग्‍ध हालत में मौत हो गई थी। वह रोहतास बिहार के रहने वाले विजय कुमार की पुत्री थी। हालांकि रात में उसके शव का पोस्‍टमार्टम हो गया। सूत्रों की मानें तो पोस्‍टमार्टम में हार्ट अटैक का पता चला है। हालांकि उसकी मौत पर कई सवाल भी उठ रहे हैं।

14 दिसंबर को परीक्षा थी

14 दिसंबर से एमटेक फाइनल ईयर का पेपर होना था। इसके चलते छात्रा अपने घर भी नहीं जा रही थी, जबकि उसके पिता घर आने के लिए कह रहे थे। पेपर शुरू होने और उसकी तैयारी को लेकर भी कई तरह की बातें कही जा रही हैं। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर छानबीन कर रही है।

एक दिन पूर्व पिता से फोन पर हुई थी बात

जया के पिता विजय पांडेय ने बताया कि शनिवार रात करीब नौ बजे मोबाइल पर उन्होंने बेटी से बात की थी। तब वह न तो परेशान थी और न कोई दूसरी बात बताई थी। रात करीब दो बजे हास्टल के वार्डेन का फोन आया कि बेटी की तबीयत खराब है। रविवार सुबह जब वह अस्पताल पहुंचे तो बेटी वेंटीलेटर पर थी। इसके बाद डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उन्हें कुछ समझ में नहीं आया कि यह सब अचानक कैसे हो गया। होनहार बेटी के खोने से पिता द्रवित हो गए।

सहपाठी छात्रा से पूछताछ

जया के साथ हास्टल में रहने वाली सहपाठी छात्रा ने संस्थान के कर्मचारियों और पुलिस ने पूछताछ की। हालांकि उसने घटना के संबंध में क्या जानकारी दी, इस बारे में बताने से अधिकारी कतराते रहे। यह भी कहा जा रहा है कि छात्रा के मोबाइल की भी जांच की जाएगी, ताकि उससे घटना के संबंध में कोई सुराग मिल सके। कमरे से बरामद किया मोबाइल लाक है, जिस कारण तत्काल उसे चेक नहीं किया जा सका।

फारेंसिक टीम ने इकट्ठा किया है साक्ष्‍य

छात्रा के पिता का दावा है कि उनकी बेटी को कोई बीमारी नहीं थी। इस पर यह भी सवाल उठ रहा है कि जब बीमारी नहीं थी, तब उसने एक साथ दवा की कई गोली कैसे खरीदा और खाया। अब पुलिस की जांच में यह साफ होगा कि दवा किसने और कब खरीदा था। फिलहाल घटना को लेकर रविवार रात पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम हास्टल पहुंची। फिर कमरे से छानबीन करते हुए कुछ साक्ष्य संकलित किए। पुलिस की जांच भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे बढऩे की बात कही जा रही है, लेकिन इस घटना से संस्थान के विद्यार्थियों और कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।

छात्रा की मौत पर उठ रहे सवाल

एमएनएनआइटी की एमटेक छात्रा जया पांडेय को बीपी की 45 टैबलेट कहां से और कैसे मिली थी। यह पुलिस और स्वजनों के सामने यक्ष प्रश्न है। डाक्टरों का कहना है कि बीपी के मरीज को पर्चे पर लिखकर दवा लेने की सलाह दी जाती है। एक साथ कई टैबलेट बेचने व खरीदने का भी नियम नहींं है। इस आधार पर मामले में कहानी कुछ और नजर आ रही है।

Edited By Brijesh Srivastava

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