कड़ाके की ठंड से प्रयागराज में चमका गर्म कपड़ों का बाजार, खूब बिके जैकेट, स्वेटर औऱ शाल

गर्म कपड़ों का मेला लगाने वाले सचिन गुप्ता बताते हैं कि पिछले दो साल से बाजार ठंडा था। इस बार कड़ाके के ठंड पड़ने के आसार थे। ऐसे में पहले से ही कपड़ों का स्टाक मंगाकर रख लिया गया था। पिछले दो दिनों से ग्राहक बढ़े हैं

Ankur TripathiPublish: Wed, 19 Jan 2022 07:25 AM (IST)Updated: Wed, 19 Jan 2022 07:25 AM (IST)
कड़ाके की ठंड से प्रयागराज में चमका गर्म कपड़ों का बाजार, खूब बिके जैकेट, स्वेटर औऱ शाल

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। ठंड ने जैसे ही रफ्तार पकड़ी गर्म कपड़ों का बाजार और गर्म हो गया। मॉल से लेकर सड़क किनारे तक सजे गर्म कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ जमा रही। पिछले दो दिनों से नगर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पारा गिरता जा रहा है। ऐसे में लोगों के बीच टोपी, दस्ताने, मफलर, इनर, पैजामों की मांग बढ़ गई है। गर्म कपड़ों के बाजार में आई उछाल को देखते हुए दुकानदारों ने इनके दामों में भी इजाफा कर दिया है। वहीं शादियों का सीजन 20 जनवरी से शुरू होने वाला है। ऐसे में फैंसी स्वेटर, शॉल और जैकेट की भी मांग बढ़ गई है।

नवंबर से ही सजने लगी थी दुकानें

नगर के चौक, सिविल लाइंस, कटरा, सुलेम सराय, तेलीयागंज, कोठा परचा आदि जगहों पर नवंबर माह के शुरूआत में ही गर्म कपड़ों का बाजार लगना शुरू हो गया था, लेकिन इस बार ठंड की शुरूआत देर से हुई। जिसके चलते गर्म कपड़ों के बाजार ने भी देर से रफ्तार पकड़ी। जनवरी में मौसम में बदलाव की बयार आई और कड़ाके की ठंड के साथ लोगों ने गर्म कपड़ों की ओर रूख किया। जिसके चलते बाजार में तेजी आई। इस बार लगन भी तेज है जिसके चलते बाजारों में और रौनक देखने को मिल रही है। व्यापारियों ने दिपावली के आसपास ही स्टाक भर लिया था, अब दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखकर उनके चेहरों की मायूसी कुछ गायब हुई है।

लेदर जैकेट की बढ़ी मांग

सिविल लाइंस इलाके में गर्म कपड़ों का मेला लगवाने वाले सचिन गुप्ता बताते हैं कि पिछले दो सालों से कोरोना ने आम आदमी की कमर तोड़ रखी थी। इस बार कड़ाके के ठंड पड़ने के आसार थे। ऐसे में पहले से ही कपड़ों का स्टाक मंगाकर रख लिया गया था। पिछले दो दिनों से कड़ाके की ठंड होने के बाद दुकानों पर रौनक आई है। लोगों में जींस वाले जैकेट व लेदर जैकेट की मांग बढ़ी है। इसे जल्द से जल्द मंगाने का प्रयास किया जा रहा है।

Edited By Ankur Tripathi

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