Health News: उम्र हो चुकी है 40 के पार तो आंखों के प्रति हो जाइए होशियार

मोबाइल फोन लैपटाप कंप्यूटर का उपयोग इतना बढ़ गया कि युवा तेजी से आंखों की बीमारी के शिकार हो रहे हैं। इससे बचने की कोशिशें जारी रखनी चाहिए। दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर कार्यक्रम में बेली अस्पताल से आए नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. आरके गुप्ता ने कुछ यही संदेश दिया

Ankur TripathiPublish: Mon, 29 Nov 2021 09:10 AM (IST)Updated: Mon, 29 Nov 2021 09:10 AM (IST)
Health News: उम्र हो चुकी है 40 के पार तो आंखों के प्रति हो जाइए होशियार

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। शरीर में आंख ही एक ऐसा अंग है जिसमें गंभीर बीमारी या रोशनी काफी कम होने से दुनिया अंधेरे में हो जाती है। इसे सुरक्षित रखने के लिए तमाम चिकित्सकीय संसाधन उपलब्ध हैं। वहीं अब मोबाइल फोन, लैपटाप व कंप्यूटर का उपयोग इतना बढ़ गया है कि युवा तेजी से आंखों की बीमारी के शिकार हो रहे हैं। इससे बचने की कोशिशें जारी रखनी चाहिए। रविवार को दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर कार्यक्रम में बेली अस्पताल से आए नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. आरके गुप्ता ने कुछ यही संदेश दिया। प्रस्तुत है पाठकों की ओर से हुए सवाल और उन्हें मिले जवाब के प्रमुख अंश।

सवाल : मेरी सासू मां को दोनों आंख में मोतियाबिंद के आपरेशन के दौरान लेंस लगा था। उनकी रोशनी अब भी कमजोर है। क्या समस्या हाे सकती है।

क्षमा पांडेय झूंसी

जवाब : कभी-कभी पर्दे की कमजोरी से ऐसा होता है। ऐसा अक्सर शुगर के चलते होता है। आप मरीज को लेकर अस्पताल आइए। जांच करने से पता चलेगा कि दिक्कत कहां है।

सवाल : आंख के सामने झिलमिलाहट होने लगती है। पहले तो दिखाई पड़ना बंद हो जाता है, अब कुछ कम है।

पूजा अग्रवाल तेलियरगंज

जवाब : आप अस्पताल आइए। आपकी आंख का विजन चेक करना पड़ेगा। आंख के प्रेशर की जांच भी होगी।

सवाल : आंख से अब धुंधला दिखने लगा है। कुछ जलन भी होती है।

रेखा पांडेय नैनी, भोलानाथ पाल ट्रांसपोर्टनगर

जवाब : आप अपनी उम्र 40 से अधिक बता रहे हैं। आपको नजदीक के विजन वाला चश्मा लगवाना चाहिए। इसके लिए पहले अस्पताल आकर जांच करा लीजिए।

सवाल : मोतियाबिंद का आपरेशन करा चुके हैं। आंख से चीजें अक्सर दो-दो दिखती हैं। क्या करें।

केके श्रीवास्तव, बेनीगंज

जवाब : आंख के सामने एक ही चीज दो दिखती है तो इसे मोतियाबिंद की शुरुआत माना जाता है। आपका आपरेशन होने के बाद भी ऐसा हो रहा है तो समस्या कुछ और है। अस्पताल आइए, उचित जांच के बाद पता चलेगा कि बीमारी क्या है।

सवाल : मेरी माताजी की उम्र 58 साल है। उनकी आंख की रोशनी लगातार कम हो रही है। क्या करें।

विजय त्रिमूर्ति सहसों

जवाब : उम्र के अनुसार आपकी माताजी की आंखें कमजोर हो चली हैं। उनकी आंखों की जांच कराकर चश्मा लगवाइए। उन्हें लेकर अस्पताल आइए। उचित जांच के बाद चश्मे के लिए लिखा जाएगा।

सवाल : कंप्यूटर के सामने आठ से नौ घंटे तक काम करना पड़ता है। नजरें इससे कमजोर होती जा रही हैं। दूर की नजर पर ज्यादा दबाव पड़ने लगा है।

रितु त्रिपाठी लूकरगंज

जवाब : आप चश्मे पर एआरसी यानी एंटी रिफ्लेक्टिंग कोटिंग करवा लीजिए। उससे काफी आराम मिलेगा। कंप्यूटर पर काम करते समय प्रत्येक 20 मिनट के बाद 20 फिट दूर की चीजें 20 सेकेंड तक देखने की आदत डालें।

सवाल : मेरी उम्र 80 साल है। आंख में अक्सर पानी आ जाता है। डाक्टर को दिखा चुके हैं उन्होंने बताया है कि कोई समस्या नहीं है।

वीरेंदु श्रीवास्तव, मीरापुर

जवाब: आप पानी खूब पिएं। आप जो बीमारी बता रहे हैं वह ड्राइ आई की है। सर्दी के मौसम के चलते भी ऐसा होता है। आप एक बार अस्पताल आकर दिखा लीजिए।

सवाल : डाइबिटीज का मरीज हूं। आंख के पर्दे में सूजन हो गई है और धुंधलापन भी आने लगा है। क्या करें।

जितेंद्र जायसवाल मुट्ठीगंज

जवाब : आंख के पर्दे में सूजन शुगर के चलते है। शुगर को दवा खाकर नियंत्रित रखिए और अस्पताल आकर दिखा लीजिए। समस्या ज्यादा बढ़ने से बेहतर है कि उसका इलाज करें।

सवाल : मेरी 28 साल उम्र है। नहाते समय आंख में पानी जाने से एलर्जी हो जाती है। आंखें लाल हो जाती हैं।

शान मोहम्मद सिकंदरा, संकठा प्रसाद बहरिया

जवाब : आंखों में पानी से या फिर साबुन से एलर्जी हो सकती है। आपकी एंटी एलर्जिक दवा चलेगी। उसके लिए पहले अस्पताल आना होगा।

सवाल : आंखें लाल हो रही हैं, धुंधला भी दिखने लगा है। काल्विन अस्पताल में इलाज करा चुके हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

शुभम मिश्रा करछना

जवाब : ऐसा यूवीआइटिस नामक बीमारी से होता है। समय से इलाज करा लें तो बीमारी ठीक हो जाती है। अस्पताल आइए। मशीनों से जांच के बाद उचित दवाएं शुरू की जाएंगी।

सवाल : मुझे चश्मा लगा है, आंख की रोशनी फिर भी कमजोर होती महसूस हो रही है। मेरी उम्र अभी 27 साल है।

पूजा यादव, तेलियरगंज

जवाब : आपके लेंस का नंबर चेक करना होगा। समस्या पर सही समय नियंत्रण हो जाए तो ज्यादा गंभीर नहीं होने पाती। आप अस्पताल आइए, मशीन से आंखों की जांच करके उचित दवाएं दी जाएंगी।

सवाल : आंख के सामने धुंधलापन होने लगता है। पानी भी आता है। क्या यह मोतियाबिंद के लक्षण हैं।

अशोक कुमार जायसवाल, हंडिया

जवाब : मोतियाबिंद जिसे होता है उसे शुरुआती समय एक ही चीजें दो-दो दिखने लगती हैं। अपनी आंख कहीं चेक करा लीजिए। समस्या कुछ और हो सकती है।

सवाल : पढ़ते समय आंख में पानी आने लगता है। आंखें दर्द भी करती हैं।

गीता पांडेय, रसूलाबाद

जवाब : आंखों में सूखापन होने से पानी आता है। आप कोई अच्छा लुब्रीकेंट एजेंट आंख में डालिए। समस्या फिर भी बनी रहे तो अस्पताल आकर दिखाइए।

सवाल : तीन माह पहले लेंस लगवाया है लेकिन विजन अब भी स्पष्ट नहीं है।

नरेशचंद्र निषाद, झूंसी

जवाब : आपरेशन के बाद भी नजदीक का चश्मा लगाना पड़ता है। आंखों के पर्दे में कमजोरी के चलते भी यह समस्या आती है। आप अस्पताल आ जाएं तो मशीनों से जांच करके बीमारी का लगा लेते हैं।

इन्होंने भी पूछे सवाल

एसएन त्रिपाठी प्रीतमनगर, इंद्रजीत श्रीवास्तव नया कटरा, प्रीतम सिंह कटरा, प्रतीक चौरसिया शिवगढ़, मनोज यादव झूंसी, पवन इफको फूलपुर, शशिकांत शुक्ला बारा

पानी खूब पिएं

सर्दी के दिनों में अक्सर आंखों में चिकनाई कम होने से सूखापन हो जाता है। इसे ड्राइ आइ कहते हैं। ऐसे में पानी खूब पिएं। किसी योग्य डाक्टर को जरूर दिखा लें। ग्रीन टी का सेवन करें।

हीटर, ब्लोवर के सीधे संपर्क से बचें

सर्दी के दिनों में कमरे में हीटर या ब्लोवर का इस्तेमाल करें तो उसे बिल्कुल अपने पास न रखें। यानी हीटर या ब्लोवर के सीधे संपर्क में न रहें। कमरे में गरमाहट आ जाए तो कुछ समय के लिए हीटर या ब्लोवर बंद कर दें।

पलकों को शेक करें

आंखों में सूखापन महसूस हो, पानी ज्यादा गिरने लगे तो पलकों को शेक करें। इसके लिए पानी गरम करके उसमें सूती कपड़ा भिगो लें। उस कपड़े को 30 सेकेंड से एक मिनट तक पलकों पर रखें। इससे आंखों को आराम मिलेगा।

Edited By Ankur Tripathi

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