नान वेज के साथ शराब पीने के शौकीन हैं तो संभल जाएं, सीनियर डाक्टर की यह है चेतावनी

किसी को गठिया शरीर के अन्य जोड़ों में दर्द और किसी को मांस पेशियों में खिंचाव होता है। उम्रदराज लोग ही नहींं अब तो किसी भी अवस्था में ऐसा हो सकता है। वजह है कि लोग अब खानपान में संतुलन और संयम नहीं रखते। शारीरिक श्रम कम हो गया है।

Ankur TripathiPublish: Tue, 25 Jan 2022 07:20 AM (IST)Updated: Tue, 25 Jan 2022 08:20 AM (IST)
नान वेज के साथ शराब पीने के शौकीन हैं तो संभल जाएं, सीनियर डाक्टर की यह है चेतावनी

प्रयागराज, जेएनएन। सर्दी के मौसम में अनेक लोगों को हड्डियों में तकलीफ होने लगती है। किसी को गठिया, शरीर के अन्य जोड़ों में दर्द और किसी को मांस पेशियों में खिंचाव होता है। उम्रदराज लोग ही नहींं, अब तो किसी भी अवस्था में ऐसा हो सकता है। वजह है कि लोग अब खानपान में संतुलन और संयम नहीं रखते। शारीरिक श्रम कम हो गया है। घरों में लोग जितना समय दे पाते हैं उसमें अधिकांश समय बैठे-बैठे बिता देते हैं। यही सब आदतें बीमारियां बढ़ा रही हैं। इनसे बचने का तरीका आसान है, बस थोड़ा प्रयास करना होगा और डाक्टर की सलाह माननी होगी। कुछ यही बताया दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर कार्यक्रम में हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. मनीष शुक्ला ने। प्रस्तुत है पाठकों की ओर से उनसे हुए प्रश्न और मिले उत्तर के प्रमुख अंश।

प्रश्न : हाथ पैर की अंगुलियों में दर्द होता है। हाथ को उठाते समय कंधे पर जोर पड़ता है।ऊषा श्रीवास्तव, खुल्दाबाद

उत्तर : नसाें में दबाव के चलते ऐसा हो रहा है। आप लेटते समय तकिया न लगाइए। कोई वजनी वस्तु न उठाएं। ज्यादा दिक्कत हो रही हो तो अस्पताल आएं, एक्सरे कराना पड़ेगा।

प्रश्न : बैक पेन हो रहा है एक माह से यह दिक्कत है। सुबह सोकर उठते हैं तो तकलीफ ज्यादा महसूस होती है।

शैलेंद्र कुमार गुप्ता, झूंसी

उत्तर : आपको अस्पताल आना होगा। एक्सरे कराएंगे और कमर का कुछ अभ्यास बताया जाएगा। आप फोम वाले गद्दे पर न लेटें और कोई वजनदार वस्तु न उठाएं।

प्रश्न : आजकल कई लोग यूरिक एसिड बढ़ने से परेशान हो रहे हैं। ऐसे में क्या करना चाहिए।

अनुराग यादव, नार्थ मलाका

उत्तर : यूरिक एसिड सर्दियों में ज्यादा बढ़ता है और मांस व मदिरा का अधिक सेवन इसके प्रमुख कारण होते हैं। तेलीय चीजें भी ज्यादा खाने से यूरिक एसिड बढ़़ता है। इससे बचना हो तो भोजन संतुलित करें।

प्रश्न : पैर की पेंडलियों से लेकर हिप तक दर्द होता है। मुझे डाइबिटीज भी है। क्या इलाज करें।

आरपी जायसवाल, कीडगंज

उत्तर : यह डाइबिटीज से होता है। इसे न्यूरोपैथी कहते हैं। आप अपना शुगर कंट्रोल रखें। एसआरएन आकर दिखाएं, कुछ दवाएं भी चलेंगी।

प्रश्न : घुटनों में और पैर की हड्डियों में दर्द होता है। उठने बैठने या सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत होती है।

अरुण कुमार नैनी , ज्वाला प्रसाद मौर्या बहरिया

उत्तर : नसों में दबाव के चलते ऐसा कभी-कभी होता है। जिनके घुटने में तकलीफ है उन्हें गठिया की परेशानी हो सकती है। गुनगुने पानी में नमक डालकर धुलाई करें। अस्पताल आकर एक बार एक्सरे करा लें, उससे बीमारी पकड़ में आ जाएगी और उसी अनुसार इलाज होगा।

प्रश्न : मुझे जांघ में दर्द महसूस होता है। बैठ जाती हूं तो उठने में दिक्कत होती है।

अनवास देवी, चौफटका।

उत्तर : आप एक्सरे कराइए। हो सकता है कि नसों में दबाव के चलते ऐसा हुआ हो। वैसे उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों में कमजोरी भी होने लगती है। आप स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय आकर डाक्टर से दवा लिखवाइए।

प्रश्न : मेरी उम्र 69 साल है। कूल्हे में दर्द रहता है चलने में दिक्कत होती है।

शिवशंकर मिश्रा, रामनगर

उत्तर : सर्दियों में गठिया रोग बढ़ जाता है और यह अक्सर उम्र बढ़ने के साथ होता है। आप गुनगुने पानी से सेंकाई करें। धूप में बैठें इससे शरीर में विटामिन डी की कमी पूरी होगी। ज्यादा वजनदार वस्तु न उठाएं।

प्रश्न : दाहिनी हाथ की कोहनी के ऊपरी हिस्से में दर्द होता है। सोते समय हाथ और कंधा जकड़ जाता है।

राकेश श्रीवास्तव, सोहबतिया बाग

उत्तर : आप ज्यादा ऊंची तकिया न लगाएं। गुनगुने पानी में नमक डालकर सेंकाई करें। ज्यादा दिक्कत हो तो अस्पताल आकर दिखाएं।

प्रश्न : पत्नी के पैर के पंजों में दर्द होता है। चार-पांच दिन से यह दिक्कत हुई है।

विभाकर, मुंडेरा्

उत्तर : उन्हें विटामिन डी की कमी हो रही है। यूरिक एसिड बढ़ा हुआ हो सकता है। उनसे कहिए कि कुछ देर धूप में बैठें। नंगे पांव न चलें और नरम चप्पल पहनें।

प्रश्न : हड्डियों में दर्द होता है, रात में नींद नहीं आती और कभी-कभी जलन भी महसूस होती है।

रेखा पांडेय, खरकौनी नैनी

उत्तर : कैल्शियम और विटामिन डी की कमी से ऐसा होता है। धूप में कुछ देर बैठिए, दूध का सेवन अधिक करिए।

प्रश्न : दाहिने पैर के नीचे दर्द होता है। 15 साल से यह शिकायत है।

नरेश चंद्र निषाद, झूंसी

उत्तर : आपको गठिया की शिकायत लग रही है। सर्दी में इसमें दिक्कत बढ़ जाती है। आप नमक डालकर पानी गुनगुना करके सेंकाई करें।

प्रश्न : मुझे बार-बार जुकाम हो जा रहा है। इस ठंडी के मौसम में ज्यादा दिक्कत हुई।

तारिक महसूद, झूंसी

उत्तर : सर्दी के मौसम में एलर्जी से ऐसा होता है। ज्यादा चिंता न करें। यह कोरोना के लक्षण नहीं हैं। धूल वाली जगह पर जाने से परहेज करें।

प्रश्न : जोड़ाें और मांस पेशियों में दर्द है। अस्पताल में दिखाया लेकिन बीमारी ठीक नहीं हो सकी।

चंद्रहास, मुट्ठीगंज

उत्तर : मांस पेशियों में खिंचाव के चलते दर्द होता है। आप आराम ज्यादा करें। कोई भारी सामान न उठाएं।

प्रश्न : कमर में दर्द होता है। 10 साल पहले साइकिल से गिरने पर चोट लग गई थी। वहीं दर्द उभर रहा है।सियाराम पटेल, लालगोपाल गंज

उत्तर : आप स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय आकर दिखाएं। जांच करानी होगी और एक्सरे भी होगा। उसके आधार पर दवाएं लिखी जाएंगी।

प्रश्न : एड़ी के ऊपरी हिस्से में लगातार दर्द बना हुआ है। कभी-कभी चिलकन होती है। सुबह-सुबह दौड़ती ज्यादा हूं।

उत्तर : आप किसी नौकरी की तैयारी कर रही हैं, फिजिकल के लिए दौड़ का अभ्यास करना पड़ रहा है। मेरा सुझाव है कि कम दौड़ें, थोड़ा आराम भी करें। इससे दर्द नहीं होगा।

प्रश्न : चार महीने से घुटनों में दर्द बना हुआ है। दवाएं लीं लेकिन ज्यादा आराम महसूस नहीं हो रहा।

हेमलता श्रीवास्तव, सेंट जोसेफ कालेज

उत्तर : कैल्शियम, विटामिन डी की कमी से ऐसा होता है। अस्पताल आइए। इसे जांच कराकर देखना पड़ेगा। आप ज्यादा से ज्यादा टहलें। टहलना सेहत के लिए अच्छा होता है।

इन्होंने भी पूछे प्रश्न

संपूर्णानंद बिंद उग्रसेनपुर, माधुरी मिश्रा साेहबतिया बाग, प्रमोद कुमार झूंसी, सरिता रानी मिश्रा चकिया, नेहा सिंह मम्फोर्डगंज, मनीष कुमार कर्नलगंज।

शारीरिक श्रम करते रहना आवश्यक

शरीर और इसके सभी जोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए वाकिंग यानी पैदल चलना, साइकिलिंग यानी साइकिल चलाना और स्विमिंग यानी तैरना लाभदायक होता है। यह अच्छी बात है कि कुछ लोग अब भी साइकिल चलाने में कोई परहेज नहीं करते। यह भी होना चाहिए कि लोग घर में रहें तो ज्यादा देर तक व्यर्थ में बैठे रहने या लेटे रहने की बजाए कोई न कोई घरेलू काम करते रहें। इससे सभी जोड़े चलायमान रहेंगे और गठिया जैसी बीमारी वृद्धावस्था तक नहीं होने पाएगी।

अभ्यास से पहले हो जाएं वार्मअप

प्रत्येक व्यक्ति को रोज योगा, या फिर सुबह-सुबह एक्सरसाइज करना चाहिए। इससे पहले कदमताल करके और उछल कूदकर शरीर को वार्मअप कर लें। इससे शरीर में ऊर्जा बढ़ती है और जोड़ों को आराम मिलता है। घुटनों को बार-बार मोड़ें, कंधों की एक्सरसाइज करें, अंगुलियों को खोलें और बंद करें। सभी लोगों को इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।

Edited By Ankur Tripathi

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept