साइबर क्राइम से बचना हो रहा मुश्किल, महिला डाक्टर समेत नौ लोगों को बनाया शिकार

पुलिस के मुताबिक डाक्टर ममता के खाते से साइबर शातिर ने खुद को स्टेट बैंक आफ इंडिया का मैनेजर बताते हुए 80 हजार रुपये उड़ा दिए। इससे परेशान महिला डाक्टर ने साइबर थाने में शिकायत दी जिसके बाद इंस्पेक्टर राजीव तिवारी की टीम ने 65 हजार रुपये वापस कराए

Ankur TripathiPublish: Thu, 20 Jan 2022 01:10 PM (IST)Updated: Thu, 20 Jan 2022 01:10 PM (IST)
साइबर क्राइम से बचना हो रहा मुश्किल, महिला डाक्टर समेत नौ लोगों को बनाया शिकार

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। कोराेना संक्रमण के केस बढ़ने के साथ ही साइबर अपराधी पहले से ज्यादा सक्रिय हो गए हैं। लापरवाही और जरा सी चूक करने पर इन साइबर अपराधियों से बचना मुश्किल होता है। इन शातिरों ने पिछले कुछ दिनों में मोती लाल नेहरू मेडिकल कालेज की डाक्टर ममता आनंद समेत नौ लोगों के खाते से रकम गायब कर दी। शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना और साइबर सेल के पुलिसकर्मियों ने सात लोगों के खाते में काफी पैसा वापस करवा दिया है। साइबर अपराधियों ने अलग-अलग तरह का झांसा देकर करीब तीन लाख 37 हजार रुपये की ठगी की। इसमें दो लाख रुपये से अधिक भुक्तभोगियों के खाते में वापस करवाए गए हैं।

डाक्टर को एसबीआइ का  मैनेजर बनकर किया फोन औऱ बनाया शिकार

पुलिस के मुताबिक, डाक्टर ममता के खाते से साइबर शातिर ने खुद को स्टेट बैंक आफ इंडिया का मैनेजर बताते हुए 80 हजार रुपये गायब कर दिया। इससे परेशान महिला डाक्टर ने साइबर थाने में शिकायत दी, जिसके बाद इंस्पेक्टर राजीव तिवारी की टीम ने बैंक व आनलाइन पैसा ट्रांसफर करने वाली कंपनी से संपर्क करके उनके खाते में 65 हजार रुपये वापस करवा दिए। इसी तरह एनी डेस्क मोबाइल एप के जरिए धूमनगंज की रितु विश्वकर्मा के खाते से 40 हजार, करछना के विनोद कुमार के खाते से 42 हजार, सोरांव के बिजनेस गिरि के खाते से 22, कर्नलगंज के देवमणि के एकाउंट से 50 व राहुल कुमार, शेष कुमार के खाते से अलग-अलग रकम निकाली गई। साइबर सेल की टीम ने भी इनकी रकम वापस करवाई। हालांकि मुंडेरा निवासी प्रमोद कुमार के खाते से उड़ाए गए 63 हजार रुपये वापस नहीं कराए जा सके हैं। एसपी क्राइम सतीश चंद्र का कहना है कि साइबर शातिरों के हथकंडों को पहचान कर टीम काम कर रही है, जिसके फलस्वरूप लोगों का पैसा वापस कर पा रही है।

Edited By Ankur Tripathi

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