लिव इन रिलेशन में रहकर छोड़ दिया, प्रेमी की तलाश में भटक रही मुंबई की युवती

प्रेमी नहीं मिला तो पीड़ित युवती ने कंधई थाने व एसपी के दफ्तर में प्रार्थना पत्र दिया। वह चार दिन से थाने और एसपी दफ्तर का चक्कर लगा रही है उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कंधई एसओ सत्येंद्र सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है

Ankur TripathiPublish: Sun, 16 Jan 2022 06:07 PM (IST)Updated: Mon, 17 Jan 2022 11:10 AM (IST)
लिव इन रिलेशन में रहकर छोड़ दिया, प्रेमी की तलाश में भटक रही मुंबई की युवती

प्रयागराज, जेएनएन। तीन साल तक मुंबई में एक युवती के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहने के बाद फरेबी युवक उसे छोड़कर चला आया। प्रेमी की तलाश में वह युवती भी प्रतापगढ़ आ गई। उसने पुलिस को तहरीर देकर शिकायत की है। पुलिस का कहना है कि प्रेमिका की शिकायत पर आरोपित युवक को थाने बुलाया गया लेकिन वह नहीं मिल रहा है। बताया जा रहा है कि युवती के यहां आने पर वह वापस महाराष्ट्र चला गया है।

यह किस्सा कुछ यूं है।  कंधई थाना क्षेत्र के साल्हीपुर गांव का एक युवक मुंबई के अमृत नगर में नौकरी करने के लिए रहता था। वहां उसका रिश्ता 32 वर्षीय युवती के साथ हो गया। दोनों साथ रहने लगे। करीब तीन साल तक वह युवती के साथ पति-पत्नी के तौर पर लिव इन रिलेशनशिप में रहा। इस बीच महीने भर पहले वह अपनी मां के बीमार होने का बहाना बनाकर मुंबई से यहां चला आया। जब उसने प्रेमिका से फोन पर भी बात करना बंद कर दिया तो उसने परेशान होकर पिछले दिनों प्रेमी के परिवार के लोगों से संपर्क किया। युवक के परिवार के लोगों ने शादी करने का आश्वासन देकर 15 दिन पूर्व उसे साल्हीपुर घर पर बुला लिया। युवती का आरोप है कि एक सप्ताह तक घर में रखने के बाद युवक के स्वजनों ने भी उसे घर से निकाल दिया और मुंबई चले जाने को कहा। प्रेमी उसे मिल नहीं रहा है। वह घर में भी नहीं था। ऐसे में उसे साफ तौर पर धोखा दिया गया है।

पुलिस का यह है कहना

प्रेमी नहीं मिला तो पीड़ित युवती ने कंधई थाने व एसपी के दफ्तर में प्रार्थना पत्र दिया। वह चार दिन से थाने से लेकर एसपी दफ्तर का चक्कर लगा रही है, उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस बारे में कंधई एसओ सत्येंद्र सिंह ने बताया कि मामला महाराष्ट्र  का है। आरोपित युवक शायद घर छोड़कर वापस महाराष्ट्र चला गया है। फिर भी स्वजनों से आरोपित युवक को बुलाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि मामले को सुलझाया जा सके।

Edited By Ankur Tripathi

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