वीर रस ने उन्नति को दिलाई ओजस्वी कवयित्री की पहचान, ऐसे तय किया सफर

Features of the system कवयित्री उन्नति भारद्वाज निवासी बाड़ी सिकंदराराऊ निवासी डा. अरविंद कुमार शर्मा की पुत्री हैं। उनका जन्म 14 सितंबर 2009 हिंदी दिवस वाले दिन हुआ। महज 13 वर्ष की उम्र में उन्नति भारद्वाज अपनी ओजस्वी कविता के माध्यम से पूरे देश में पहचानी जाती हैं।

Anil KushwahaPublish: Wed, 26 Jan 2022 10:25 AM (IST)Updated: Wed, 26 Jan 2022 10:45 AM (IST)
वीर रस ने उन्नति को दिलाई ओजस्वी कवयित्री की पहचान, ऐसे तय किया सफर

हाथरस, जागरण संवाददाता। Features of the system : कहा जाता है कि साहित्य ही समाज का दर्पण है, साहित्य के अभाव में समाज का बिखराव होना निश्चित है। प्राय: देखने को मिलता है कि जो व्यक्ति साहित्य का अध्ययन नहीं करते उनके रिश्ते प्राय: टूट जाते हैं। साहित्य दर्पण नहीं दीपक की रोशनी है अर्थात् दीपक कहीं भी जले परंतु उसकी रोशनी सभी जगह विद्यमान रहती है। जो सच्चे साहित्यकार होते हैं, वे अंधेरे को अंधेरा ना कह कर नया मार्ग ढूंढ़ लेते हैं और समाज को प्रेरणा व नई दिशा देते हैं। दैनिक जागरण गणतंत्र दिवस के मौके पर तंत्र के गण श्रंखला में साहित्य के क्षेत्र में अमूल्य योगदान देने वाली ऐसी युवा कवयित्री उन्नति भारद्वाज से रूबरू करा रहे हैं। 

परिचय 

कवयित्री उन्नति भारद्वाज निवासी बाड़ी सिकंदराराऊ निवासी डा. अरविंद कुमार शर्मा की पुत्री हैं। संयोग भी खास है कि उनका जन्म 14 सितंबर 2009 हिंदी दिवस वाले दिन हुआ। महज 13 वर्ष की उम्र में उन्नति भारद्वाज अपनी ओजस्वी कविता के माध्यम से पूरे देश में पहचानी जाती हैं। वीर रस की कवयित्री जन-जन में जोश का संचार करती है। उन्नति ने बहुत ही कम उम्र में देशभर में सिकंदराराऊ का नाम रोशन किया है। उन्नति भारद्वाज सिकंदराराऊ के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में कक्षा नौ की छात्रा हैं।

कम उम्र की कवयित्री

वर्ष 2021 में विश्व के सबसे बड़े ङ्क्षहदी काव्य मंच राष्ट्रीय कवि संगम द्वारा आयोजित श्री राम राष्ट्रीय काव्य पाठ प्रतियोगिता में उन्नति विधानसभा, जिला व प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहीं जिसमें देश के लगभग 22,000 प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा देश के 35 प्रांतों में से देश के जाने-माने युवा कवियों का चयन किया जाता है। उसमें उन्नति भारद्वाज का चयन हुआ तथा 15 नवंबर 2021 को रोहिणी दिल्ली में राष्ट्रीय काव्य पाठ किया गया उसमें भी श्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। उन्नति 15 कवियों में सबसे कम उम्र की थीं । संभल में आयोजित आजादी के अमृत महोत्सव राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में उन्नति को सर्वश्रेष्ठ कवयित्री का सम्मान प्राप्त हुआ । उन्नति अलीगढ़ महोत्सव में गत तीन वर्षों से ङ्क्षहदी प्रोत्साहन समिति के कार्यक्रम में भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती आ रही हैं ।

काव्य यात्रा

उन्नति भारद्वाज ने अपनी काव्य यात्रा आठ अगस्त 2019 को वृंदावन के विरागी आश्रम में हुए अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में आचार्य गौरव कृष्ण पांडे के सानिध्य में प्रारंभ की। उस समय उन्नति 11 वर्ष की थीं । उसके बाद उन्नति ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली व अन्य प्रदेशों में लगभग 150 काव्य मंचों पर काव्य पाठ कर चुकी हैं । कोरोना के समय देश के जाने-माने काव्य मंचों पर उन्नति ने आनलाइन काव्य पाठ भी किया है।

उपलब्धियां

उन्नति मंडल स्तरीय विद्यालय प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान पर रहीं। दाऊजी मेले में जिलाधिकारी हाथरस ने उन्नति को श्रेष्ठ कवयित्री का सम्मान दिया। दैनिक जागरण की प्रतियोगिता कल का नीरज मैं उन्नति मंडल में तृतीय स्थान पर रहीं । कोटा राजस्थान की संस्था कवि चौपाल द्वारा वर्ष 2020 का ङ्क्षहदी साहित्य रत्न सम्मान दिया गया। राष्ट्रीय कवि संगम द्वारा आयोजित दिनकर राष्ट्रीय काव्य पाठ प्रतियोगिता में देश के जाने-माने 5400 कवियों में से उन्नति का सातवां स्थान रहा।

प्रेरणास्रोत 

देवेंद्र दीक्षित शूल, आशु कवि अनिल बौहरे, विवेकशील राघव, मंजुल मयंक, मनोज चौहान के साथ अंतरराष्ट्रीय कवि हरिओम पवार (मेरठ), अंतरराष्ट्रीय कवि बाबा सत्यनारायण मौर्य (छत्तीसगढ़), जगदीश मित्तल बाबूजी (दिल्ली), अंतरराष्ट्रीय कवि डा अशोक बत्रा (हरियाणा), योगेंद्र शर्मा (भीलवाड़ा), महेश शर्मा (रायपुर), सुदीप भोला (दिल्ली)। जिन्होंने उन्नति को आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित किया है तथा जिनका सानिध्य पाकर उन्नति सतत् उन्नति कर रही है।

Edited By Anil Kushwaha

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