किसानों के खून से सनी तीन हजार एकड़ जमीन को उत्‍तर प्रदेश व हरियाणा प्रशासन ने कब्‍जाया, ये है वजह

हरियाणा-यूपी प्रदेश की सीमा पर विवादित तीन हजार एकड़ जमीन को दोनों प्रदेशों के प्रशासन ने कब्जे में ले लिया है। अलीगढ़ जिले की सीमा की जमीन को खैर तहसील प्रशासन व हरियाणा सीमा क्षेत्र की जमीन को होडल प्रशासन ने कब्जे में लिया है।

Anil KushwahaPublish: Thu, 20 Jan 2022 06:18 AM (IST)Updated: Thu, 20 Jan 2022 06:46 AM (IST)
किसानों के खून से सनी तीन हजार एकड़ जमीन को उत्‍तर प्रदेश व हरियाणा प्रशासन ने कब्‍जाया, ये है वजह

सुरजीत पुंढीर, अलीगढ़। हरियाणा-यूपी प्रदेश की सीमा पर विवादित तीन हजार एकड़ जमीन को दोनों प्रदेशों के प्रशासन ने कब्जे में ले लिया है। अलीगढ़ जिले की सीमा की जमीन को खैर तहसील प्रशासन व हरियाणा सीमा क्षेत्र की जमीन को होडल प्रशासन ने कब्जे में लिया है। अब कोई भी किसान इस जमीन पर जुताई व बोआई नहीं कर सकता है। दोनों प्रदेशों के किसानों में आपसी संघर्ष को रोकने के लिए प्रशासन यह फैसला लिया है। अब जब तक इस जमीन पर दोनों प्रदेशों के प्रशासन की तरफ से स्थाई समाधान नहीं निकलता है तब तक जमीन सरकारी कब्जे में ही रहेगी।

होटल तहसील में किसानों के बीच जमीन का विवाद

हरियाणा-उप्र सीमा पर दशकों से अलीगढ़ के टप्पल व पलवल के होडल तहसील क्षेत्र के किसानों के बीच जमीन पर विवाद है। इससे हरियाणा के 123 व अलीगढ़ के 589 किसान प्रभावित हैं। विवाद सुलझाने के लिए कई बार बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई भी स्थाई समाधान नहीं निकल सका है। हर बार फसल काटने के दौरान प्रदेशों के किसान आपस में भिड़ जाते हैं। खूनी संघर्ष व फायरिंग तक होती है। दोनों प्रदेशों से इसमें कई किसान घायल भी हो चुकी हैं।

जमीन को लिया कब्जे में

अब पिछले दिनों होडल व खैर तहसील प्रशासन की एक बैठक हुई थी। इसमें दोनों प्रदेशों के किसानों के खूनी संघर्ष को रोकने के लिए जमीन को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है। इसमें अलीगढ़ जिले की सीमा की जमीन खैर प्रशासन व पलवल जिले की सीमा की जमीन को होडल प्रशासन ने कब्ज में लिया है। अब जब तक इस विवाद कोई स्थाई समाधान नहीं निकलता है, तब तक दोनों प्रदेशों के किसान जमीन पर कब्जा नहीं ले सकेंगे।

जोताई-बोआई पर लगी थी रोक

पूर्व में भी दोनों प्रदेशों के प्रशासन ने इस विवादित जमीन की जुताई व बोआई पर रोक लगाई थी, लेकिन कुछ किसान जबरन फसलों की बोआई कर देते थे। ऐसे में अब पिछले दिनों में बैठक के बाद संषर्घ रोकने के लिए जमीन को कब्जे में लिया गया।

पिलर लगने हैं बाकी

शासन स्तर से सर्वे ऑफ इंडिया को दोनों प्रदेशों की भूमि का चिह्नाकन कर पिलर लगाने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए 45 लाख का बजट भी जारी कर दिया गया है, लेकिन अब तक पिलर नहीं लगे हैं। अब पिलर लगते ही विवाद का स्थाई समाधान होने की उम्मीद है।

ये है विवाद

यमुना की धारा का रुख बदलने से दशकों पहले यूपी की कुछ जमीन हरियाणा में और वहा की इधर आ गई थी। इसमें टप्पल के किसानों की 2188 एकड़ भूमि हरियाणा में गई है, जबकि वहां की 1286 एकड़ अलीगढ़ सीमा में आई है।

प्रभावित गाव

अलीगढ़ : ललितपुर रैयतपुर, शेरपुर, समस्तपुर, घरबरा, मालव, गिरधरपुर, ऊंटासानी, धारागढ़ी।

हरियाणा : बिलोचपुर, काशीपुर, अतवा, कुशक, थातकोनगर, सुल्तानपुर, मुर्तजाबाद।

इनका कहना है

हरियाणा यूपी सीमा विवाद की भूमि को तहसील प्रशासन ने कब्जे में ले लिया है। अब जब तक स्थाई समाधान नहीं निकलता है, तब तक यह जमीन प्रशासन के कब्जे में ही रहेगा।

कुंवर बहादुर सिंह, एसडीएम खैर

Edited By Anil Kushwaha

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