करवन नदी पुल पर बन गई अस्थाई सब्जी मंडी, हाथरस प्रशासन मौन

हाथरस जागरण संवाददाता। यूं तो अतिक्रमण हटाने का काम प्रशासन के साथ नगर पंचायत की टीम का हैलेकिन जब इन्हीं लोगों की अनदेखी हो तो निश्चित रूप से अतिक्रमण करने वाले लोगों के हौसले बुलंद होते हैं। ऐसा ही माहौल क्रिएट कर दिया है ।

Anil KushwahaPublish: Sun, 16 Jan 2022 02:40 PM (IST)Updated: Sun, 16 Jan 2022 02:40 PM (IST)
करवन नदी पुल पर बन गई अस्थाई सब्जी मंडी, हाथरस प्रशासन मौन

हाथरस, जागरण संवाददाता। यूं तो अतिक्रमण हटाने का काम प्रशासन के साथ नगर पंचायत की टीम का है,लेकिन जब इन्हीं लोगों की अनदेखी हो तो निश्चित रूप से अतिक्रमण करने वाले लोगों के हौसले बुलंद होते हैं। ऐसा ही माहौल क्रिएट कर दिया है करवन नदी पुल पर सब्जी की ढकेल लगाने वालों ने, ढकेलों के लग जाने के कारण पुल का मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो कर जाम में तब्दील हो जाता है, जिससे आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

पुराने पुल पर यातायात न के बराबर

करवन नदी का पुराना पुल जिस पर इस समय यातायात न के बराबर है, फिर भी बाजार अथवा रोडवेज बस स्टैंड इलाके में जाने वाले वाहन इसी पुल से गुजरते हैं। इसके अलावा हाथरस तथा आगरा जाने वाली टेंपो का मार्ग भी अभी यही बना हुआ है। लेकिन इस पुल पर सब्जी की ढकेल वालों ने इस कदर से अतिक्रमण कर रखा है कि दूसरी सब्जी मंडी यहां बना दी है, जबकि हाल में ही नगर पंचायत द्वारा पुल के दोनों साइडों पर जाली लगाकर सौंदर्य करण कराया गया था, ताकि करवन नदी में गंदगी ना डाली जाए। लेकिन सब्जी की ढकेल लगाने वाले लोग अपनी ढकेल लगाने के साथ ही जितनी भी गंदगी बनती है वह करवन नदी में डाल देते हैं। जबकि समस्त प्रशासनिक लोग पुलिस अथवा नगर पंचायत के चेयरमैन व अधिशासी अधिकारी भी आने जाने में इसी पुल का प्रयोग करते हैं। लेकिन उनको यह अतिक्रमण दिखाई नहीं देता है।

पुलिस पर सब्‍जी विक्रेताओं का कब्‍जा

इस अतिक्रमण के कारण टेंपो चालक, बाजार को आने वाले दुपहिया वाहन चालक अथवा पैदल राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन प्रशासनिक दृष्टि से यह यहां लगने वाली सब्जी की ढकेल अतिक्रमण कर रही है, इनके इसके बावजूद भी उनको हटाने में प्रशासन तथा नगर पंचायत की टीम अपनी रुचि नहीं दिखा रही जबकि इन ढकेलों के कारण लगातार हादसे की संभावना बनी रहती है।

Edited By Anil Kushwaha

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