यूपी बोर्ड के नए फरमान से प्रधानाचार्य परेशान, तीन दिन में कापी चेक कर अंक करें अपलोड

माध्यमिक विद्यालयों में नवंबर के दूसरे व तीसरे सप्ताह से अद्र्धवार्षिक व प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराई जा रही हैं। यूपी बोर्ड से जारी फरमान ने प्रधानाचार्यों को परेशान कर दिया है। बोर्ड का फरमान आया है कि तीन दिसंबर तक विद्यार्थियों के प्राप्तांक बोर्ड की साइट पर अपलोड कर दिए जाएं।

Anil KushwahaPublish: Sat, 27 Nov 2021 09:04 AM (IST)Updated: Sat, 27 Nov 2021 09:04 AM (IST)
यूपी बोर्ड के नए फरमान से प्रधानाचार्य परेशान, तीन दिन में कापी चेक कर अंक करें अपलोड

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। माध्यमिक विद्यालयों में नवंबर के दूसरे व तीसरे सप्ताह से अद्र्धवार्षिक व प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराई जा रही हैं। इस बीच यूपी बोर्ड से जारी फरमान ने प्रधानाचार्यों को परेशान कर दिया है। बोर्ड का फरमान आया है कि तीन दिसंबर तक विद्यार्थियों के प्राप्तांक बोर्ड की साइट पर अपलोड कर दिए जाएं। 30 नवंबर तक विद्यालयों में परीक्षाएं होनी हैं, ऐसे में तीन दिन में सभी कापी चेक कर अंक कैसे अपलोड किए जा सकते हैं? शुक्रवार को भी नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की परीक्षाएं कराई जा रही थीं। इस दौरान प्रधानाचार्य अन्य कालेजों के प्रधानाचार्यों से फोन पर यही पूछते रहे कि तीन दिसंबर तक अंक अपलोड हो जाएंगे? कुछ प्रधानाचार्यों ने तो व्यवस्था बनाने वालों की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े कर दिए।

खास बातें

  • - 30 नवंबर तक विद्यालयों में होंगी परीक्षाएं, तीन दिसंबर तक अंक अपलोड करने का फरमान
  • - तीन दिन में कापी चेक कर अंक अपलोड करने के आदेश से प्रधानाचार्य असमंजस में

यह है आदेश

बोर्ड से जारी फरमान में लिखा गया है कि अंक अपलोड करने की प्रक्रिया दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक पूरी की जाए। वहीं चेतावनी देते हुए लिखा गया है कि तीन दिसंबर तक हरहाल में अंक अपलोड करने का काम पूरा कर लिया जाए। इससे शिक्षक असमंजस में हैं। डीआइओएस डा. धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि हो सकता है कि पत्र टाइप करने में कोई त्रुटि हुई हो, इस संबंध में बोर्ड पदाधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा जा रहा है।

'डबल वैक्सीनेशन' खोलेगा कक्ष निरीक्षक की राह

माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तरप्रदेश (यूपी बोर्ड) ने वर्ष 2022 की वार्षिक परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एक कक्ष में दो परीक्षार्थियों के बीच कम से कम छह फीट की दूरी रखने के निर्देश भी हैं। इससे केंद्रों की संख्या भी बढऩे की संभावना है। कक्ष निरीक्षकों की संख्या भी बढऩी तय है। मगर कक्ष निरीक्षक वही बनेगा जिसने कोविड-19 से बचाव के लिए दोनों वैक्सीनेशन करा लिए हैं। इसके लिए सभी प्रधानाचार्यों से रिपोर्ट मांगी गई है। जिले में 94 एडेड, 35 राजकीय व करीब 624 वित्तविहीन विद्यालय हैं। इन सभी को अपने यहां उपलब्ध आधारभूत सूचनाएं बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करनी है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके शिक्षकों की रिपोर्ट मांगी गई है। डीआइओएस डा. धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि सभी प्रधानाचार्यों से शिक्षकों के वैक्सीनेशन की रिपोर्ट मांगी गई है। बोर्ड ने भी इस संबंध में सजगता बरतने के निर्देश दिए हैं कि जिन शिक्षकों ने दोनों डोज लगवाई हों उनको ही कक्ष निरीक्षक बनाने में वरीयता दी जाए। हर तहसील के विद्यालयों से शिक्षकों की वैक्सीनेशन रिपोर्ट मांगी है। साथ ही निर्देशित किया गया है कि जिन शिक्षकों ने दूसरी डोज नहीं लगवाई है वो तत्काल वैक्सीन लगवाकर रिपोर्ट पेश करें।

Edited By Anil Kushwaha

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