यूपी विधानसभा चुनाव 2022: ट्रेनों में नहीं होगी शराब की तस्करी, जीआरपी ने अपनाया खास तरीका

उत्‍तर प्रदेश में प्रथम चरण के चुनाव का बिगुल बज चुका है। अलीगढ़ में दस फरवरी को तो हाथरस में 20 फरवरी को चुनाव होना प्रस्तावित है। रेलवे स्टेशनों के साथ ट्रेनों में शराब व हथियार की तस्करी रोकने के लिए निरंतर चेकिंग की जा रही है।

Sandeep Kumar SaxenaPublish: Fri, 21 Jan 2022 09:00 AM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 09:00 AM (IST)
यूपी विधानसभा चुनाव 2022: ट्रेनों में नहीं होगी शराब की तस्करी, जीआरपी ने अपनाया खास तरीका

हाथरस, जागरण संवाददाता। विधानसभा चुनावों को लेकर बिगुल बज चुका है। जिले में 20 फरवरी को चुनाव होना प्रस्तावित है। चुनावों को शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए रेलवे स्टेशनों के साथ ट्रेनों में शराब व हथियार की तस्करी रोकने के लिए चेकिंग की जा रही है। जीआरपी व अारपीएफ के जवान ट्रेनों द्वारा आने वाले यात्रियों पर निगरानी रखे हुए हैं।

ट्रेनों में ऐसे हो रही चेकिंग

पूर्वोत्तर रेलवे के हाथरस सिटी स्टेशन पर चेकिंग बढ़ा दी गई है। यहां पर स्टापेज वाली पेसिंजर सहित सभी ट्रेनों में ठहराव के दौरान यात्रियों की चेकिंग की जा रही है। कोच में जाकर भी राजकीय रेलवे पुलिस यात्रियों के साथ सामान की तलाशी ले रही है। संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है। सोमवार को मथुरा की ओर जाने वाली एक एक्सप्रेस ट्रेन में जीआरपी के थाना प्रभारी जयप्रकाश ने मय हमराहियों के चेकिंग की। थाना प्रभारी ने बताया कि चुनावों को लेकर विशेष चेकिंग शुरू कर दी गई है। स्टेशन व प्लेटफार्म के साथ ट्रेनों में भी दिन रात चेकिंग हो रही है।

शराब व हथियारों पर रखी जा रही नजर

विधान सभा चुनावों को लेकर शराब व अवैध हथियारों की तस्करी बढ़ जाती है। थाना प्रभारी जयप्रकाश ने बताया कि ट्रेनों के जरिये अवैध शराब व अवैध हथियारों को तो नहीं लाया जा रहा है। इसकी चेकिंग ट्रेनों में प्रतिदिन की जा रही है। सिटी स्टेशन के अलावा मुरसान, सिकंदाराऊ, रति का नगला, मेंडू सहित अन्य स्टेशनों पर चेकिंग हो रही है।

जिले में सभी स्टेशनों पर हो रही चेकिंग

उत्‍तर प्रदेश विधान सभा चुनावों को लेकर रेलप्रशासन सख्त हो गया है। जिले में स्थित हाथरस जंकशन, सासनी, सिकंदराराऊ, मुरसान, रति का नगला सहित सभी स्टेशनों पर जीआरपी व आरपीएफ द्वारा ट्रेनों में चेकिंग की जा रही है। चेकिंग के माध्यम से शराब व अवैध हथियारों की तस्करी करने वालों पर नजर रखी जा रही है।

Edited By Sandeep Kumar Saxena

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