नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती : देश को आजाद कराने में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने निभाई थी अहम भूमिका

नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने भारत को आजाद में अपनी अलग सेना बना ली थी। इसके लिए वे जबलपुर में जेल तक में रहे। अपनी जान की परवाह नहीं की। महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर रविवार को मनाई गई। इसमें अहम बातें बताईं गईं।

Sandeep Kumar SaxenaPublish: Sun, 23 Jan 2022 02:26 PM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 02:26 PM (IST)
नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती : देश को आजाद कराने में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने निभाई थी अहम भूमिका

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। देश को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाने वाले महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर रविवार को जगह- जगह कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया और सुभाष चंंद्र बोस के स्‍मरण सुनाए गए। 

इगलास कस्बा के श्री शिवदान सिंह इंटर कॉलेज में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान सुभाष चंद्र  के बारे में अहम जानकारियां दी गईं। इस मौके पर अजय शर्मा, प्रमोद कुमार, कुलदीप सक्सेना, अंकित चौधरी, राज कुमार, योगेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, अवधेश कुमार, ज्ञानचंद भारती, आदित्य कुमार, मनोज यादव, रामाशीष, नवीन नौलखा, हरीश, अजय कुमार आदि थे।

इगलास  जंग ए आजादी के महानायक आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर गांव असरोई में देश के प्रति नेताजी के अविस्मरणीय योगदान को याद करके उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। ग्रामीणों ने नेताजी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। चौधरी महीपाल सिंह ने कहा कि नेताजी ने अपनी मातृभूमि को स्वतंत्र कराने हेतु अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था ऐसे विलक्षण प्रतिभावान महापुरुष विरले ही पैदा होते हैं जो भारत की स्वतंत्रता के लिए जन्मे, जीवित रहे और अंतिम सांस तक संघर्षरत रहे। चौधरी किशन सिंह सिकरवार ने कहा कि नेता जी ने भारत से दूर विदेश में रहकर अपने दृढ़ संकल्प, अदम्य साहस, असीम त्याग और अद्भुत शौर्य द्वारा एक विशाव संगठन बनाकर संपूर्ण विश्व में कर्म साधना का एक आदर्श उपस्थित कर दिया था|

संस्था के अध्यक्ष जतन चौधरी ने ग्रामीणों को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की सविस्तार संपूर्ण जीवनी सुनाते हुए कहा कि नेेताजी वरिष्ठ लेखक, सैनिक, दार्शनिक, राजनीतिज्ञ, कुशल प्रशासक, सेनानायक, कुशल वक्ता, व भविष्य दृष्टा के रूप में बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्तित्व थे| वह स्वभाव से आध्यात्मिक संत थे| कार्यक्रम की अध्यक्षता देशराज सिंह ने संचालन शोभित सिकरवार ने किया। इस मौके पर प्रेमवीर सिंह, अनूप सिकरवार, कपिल कुमार आर्य, विकास, रामू, संजू, गुरविंदर सिंह, कान्हा, शुभम सिकरवार आदि मुख्यरूप से मौजूद रहे।

Edited By Sandeep Kumar Saxena

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