ओटीएस में भूल गए लाइन लास, हाथरस में बिजली चोरों की मौज

बिजली विभाग की ओर से चल रही एकमुश्त समाधान योजना( ओटीएस) के चक्कर में अफसर बिजली चोरी चेकिंग अभियान भूल गए हैं। इस आड़ में बिजली चोरों की मौज आ रही है। अभियान न चलने से बिजली चोरी नहीं पकड़ी जा रही है ।

Anil KushwahaPublish: Tue, 09 Nov 2021 01:01 PM (IST)Updated: Tue, 09 Nov 2021 01:16 PM (IST)
ओटीएस में भूल गए लाइन लास, हाथरस में बिजली चोरों की मौज

हाथरस, जागरण संवाददाता।  बिजली विभाग की ओर से चल रही एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के चक्कर में अफसर बिजली चोरी चेकिंग अभियान भूल गए हैं। इस आड़ में बिजली चोरों की मौज आ रही है। अभियान न चलने से बिजली चोरी नहीं पकड़ी जा रही है वहीं लाइन लास होने से राजस्व को नुकसान हो रही है।

21 अक्‍टूबर से 30 नवंबर तक चलेगी एक मुश्‍त समाधान योजना

सरकार के निर्देश पर विभाग की ओर से 21 अक्टूबर से 30 नवंबर तक एकमुश्त समाधान योजना चलाई जा रही है। जनपद में एक लाख 68 हजार 725 उपभोक्ताओं पर 296.49 करोड़ रुपये बकाया हैं। अफसर वसूली के लिए शिविर लगाकर उपभोक्ताओं को जागरूक कर रहे हैं। इंटरनेट मीडिया पर भी उपभोक्ताओं को प्रेरित किया जा रहा है।

दो महीने से बंद पड़ी है चेकिंग अभियान, लोगों ने जमकर की बिजली चोरी

जनपद में कितनी बिजली चोरी हो रही है। इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दो साल में बिजली विभाग की ओर से अभी तक बिजली चोरों के खिलाफ 12 हजार 500 से अधिक एफआइआर कराई जा चुकी है। इसके बावजूद बिजली चोरी नहीं रुक नहीं पा रही है। इससे लाइन लास भी बढ़ रहा है।

ये हैं हाथरस के लाइन लास के क्षेत्र

शहर में विभव नगर, कोटा रोड, जलेसर रोड कांशीराम फीडर के अलावा अन्य फीडर एेसे हैं जहां जुड़े क्षेत्रों में बिजली की चोरी अधिक हो रही है। कमोवेश यही स्थिति कस्बों और देहात क्षेत्र की है। बिजली विभाग के अभियंताओं ने इन क्षेत्रों को लक्ष्य बनाकर विजिलेंस टीम से भी छापेमारी कराई थी। इस दौरान एेसे कनेक्शन भी पकड़े गए थे जो कि कटने के बावजूद बिजली चोरी कर रहे थे। अब दो महीने से चेकिंग अभियान ठप पड़ा है।

Edited By Anil Kushwaha

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept