राशन कार्ड दिखाकर बन जाएगा गरीबों का गोल्डन कार्ड, जानिए पूरा मामला Aligarh news

आयुष्मान योजना में शामिल अंत्योदय परिवारों को गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए अन्य लाभार्थियों की तरह प्रधानमंत्री का डिजीटल पत्र या परिवार रजिस्टर की नकल की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वे किसी भी नजदीकी जनसेवा केंद्रों या स्वास्थ्य केंद्र पर राशन कार्ड व आधार कार्ड दिखाकर निश्शुल्क गोल्डन कार्ड बनवा सकेंगे।

Anil KushwahaPublish: Tue, 19 Oct 2021 06:02 AM (IST)Updated: Tue, 19 Oct 2021 06:43 AM (IST)
राशन कार्ड दिखाकर बन जाएगा गरीबों का गोल्डन कार्ड, जानिए पूरा मामला Aligarh news

विनोद भारती, अलीगढ़। आयुष्मान योजना में शामिल किए गए अंत्योदय परिवारों को गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए अन्य लाभार्थियों की तरह प्रधानमंत्री का डिजीटल पत्र या परिवार रजिस्टर की नकल की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वे किसी भी नजदीकी जनसेवा केंद्रों या स्वास्थ्य केंद्र पर राशन कार्ड व आधार कार्ड दिखाकर निश्शुल्क गोल्डन कार्ड बनवा सकेंगे। अंत्योदय परिवारों को भी प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक की निश्शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

जनपद में 24 हजार 451 अंत्योदय परिवार

25 सितंबर 2018 से शुरू हुई आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में सर्वप्रथम आर्थिक व सामाजिक गणना-2011 की सूची में शामिल 01 लाख 48 हजार 436 ग्रामीण व 84 हजार 77 शहरी परिवारों को चयनित किया गया। इसमें काफी गरीब परिवार लाभ से वंचित रह गए। ऐसे में योगी सरकार ने आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 9818 गरीबों को योजना में शामिल किया। इससे कुल 2 लाख 42 हजार 331 परिवार योजना के दायरे में आ गए। फिर भी तमाम परिवार लगातार योजना का लाभ पाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे। हाल ही में सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अंत्योदय राशन कार्ड धारकों के मुफ्त इलाज की गारंटी भी ले ली। जिले में 24 हजार 594 अंत्योदय राशन कार्ड धारक हैं।

गोल्डन कार्ड में भी प्राथमिकता

जिले में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजनाके तहत 12 लाख 20 हजार 145 लाभार्थी हैं। इनमें दो लाख 756 हजार 548 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। अंत्योदय परिवारों के 67 हजार 838 सदस्यों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने हैं, जिसके सापेक्ष 1018 गोल्डन कार्ड ही बने हैं। सरकार की मंशा है कि अंत्योदय परिवारों को गोल्डन कार्ड प्राथमिकता से बन जाए। इसके लिए उन्हें रियायत भीदी गई है। आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डा. दुर्गेश ने बताया कि अंत्योदय कार्ड धारक नजदीकी जन सेवा केंद्र या पैनल में शामिल आयुष्मान हास्पिटल (कुल 55) में जाकर अपना गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं। उन्हें प्रधानमंत्री के पत्र की जरूरत नहीं पड़ेगी। राशन कार्ड का नंबर ही उनका आयुष्मान नंबर होगा।

इनका कहना है

आयुष्मान योजना के अंतर्गत सरकार गरीबों को मुफ्त इलाज की सुविधा दे रही है, लेकिन काफी लोगों ने अभी तक गोल्डन कार्ड नहीं बनवाए हैं। अब अंत्योदय कार्ड धारक भी योजना में शामिल किए गए हैं। सभी लाभार्थी गोल्डन कार्ड बनवाकर योजना का लाभ उठाएं

- डा. आनंद उपाध्याय, सीएमओ।

Edited By Anil Kushwaha

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