अलीगढ़ में बच्चा चोरी करने वाले गिरोह के 13 सदस्यों पर गैंगस्टर की तैयारी

जनपद अलीगढ़ में बच्‍चों को चोरी करने वाला गिरोह सक्रिय है।महुआखेड़ा व गांधीपार्क थाना क्षेत्रों में बच्चों को चोरी किया था। पुलिस ने जुलाई में गिरोह का पर्दाफाश करके आरोपितों को जेल भेजा था। आरोपितों के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

Sandeep Kumar SaxenaPublish: Fri, 21 Jan 2022 11:38 AM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 11:38 AM (IST)
अलीगढ़ में बच्चा चोरी करने वाले गिरोह के 13 सदस्यों पर गैंगस्टर की तैयारी

अलीगढ़,जागरण संवाददाता। शहर में बच्चा चोरी करने वाले गिरोह के 13 सदस्यों के खिलाफ महुआखेड़ा पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है। इस गिरोह ने महुआखेड़ा व गांधीपार्क थाना क्षेत्रों में बच्चों को चोरी किया था। पुलिस ने जुलाई में गिरोह का पर्दाफाश करके आरोपितों को जेल भेजा था। इनमें अब 13 आरोपितों के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

बच्ची की हत्या में दोषी मां को उम्रकैद

अलीगढ़ : एडीजे 12 सिद्धार्थ सिंह की अदालत ने डेढ़ साल की बच्ची की हत्या करने वाले मां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस केस में सभी गवाह भी मुकर गए थे। इसके बावजूद इस ह्रदयविदारक घटना को देखते हुए अदालत ने घटना के वक्त बच्ची के साथ मौजूद रहे उसके भाई को तलब किया। उसी के बयानों के आधार पर फैसला सुनाया गया।

एडीजीसी प्रमेंद्र सिंह के मुताबिक, यह घटना सासनीगेट क्षेत्र के सराय भोलानाथ में 13 फरवरी 2019 को हुई थी। इसमें रोशनलाल ने अपनी बेटी बबली के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि बबली अपने तीन बच्चों को लेकर गभाना स्थित ससुराल से मायके आई हुई थी। 13 फरवरी को दोपहर ढाई बजे बबले के घर के एक कमरे में गई और दरवाजा बंद कर लिया था। बबली ने अपनी डेढ़ साल की बच्ची माही की गला दबाकर हत्या कर दी थी। जब अन्य दोनों बच्चों की चीख पुकार सुनाई दी, तब जाकर लोगों ने दरवाजा तोड़ा बबली को बच्चों को बाहर निकाला था। पुलिस ने बबली के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके उसे जेल भेज दिया था। एडीजीसी प्रमेंद्र जैन ने बताया कि इसमें छह गवाह थे। गवाही के दौरान सभी मुकर गए थे। ऐसे में अदालत ने घटना के वक्त मौजूद रहे माही के बड़े भाई 12 वर्षीय आशीष को तलब किया था। उसी के बयानों के आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया है। बबली पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

Edited By Sandeep Kumar Saxena

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