मथुरा से कासगंज के लिए बसें कम होने से ट्रेनों में बढ़ी भीड़, कोरोना से बेपरवाह हुए लोग

मथुरा से कासगंज मार्ग बसों की संख्या बहुत कम है। सिकंदराराऊ के लिए कुछ बसें जरूर मिलती हैं। वहीं मथुरा व कासगंज के लिए लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रोडवेज द्वारा यहां पर एक दो बसों का ही संचालन कर रखा है।

Anil KushwahaPublish: Mon, 17 Jan 2022 06:20 AM (IST)Updated: Mon, 17 Jan 2022 06:31 AM (IST)
मथुरा से कासगंज के लिए बसें कम होने से ट्रेनों में बढ़ी भीड़, कोरोना से बेपरवाह हुए लोग

हाथरस, जागरण संवाददाता। मथुरा और कासगंज के मार्ग पर रोडवेज की सेवा दुरस्त नहीं है। आवश्यक संख्या में बस नहीं होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी को लेकर अब ट्रेनों में भीड़ बढ़ती जा रही है। सुबह व दोपहर के समय सिटी स्टेशन पर टिकट वितरण के समय जीआरपी व आरपीएफ को सुरक्षा के लिए तैनात रहना पड़ता है।

मथुरा से कासगंज मार्ग पर कम बसें

मथुरा से कासगंज मार्ग बसों की संख्या बहुत कम है। सिकंदराराऊ के लिए कुछ बसें जरूर मिलती हैं। वहीं मथुरा व कासगंज के लिए लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रोडवेज द्वारा यहां पर एक दो बसों का ही संचालन कर रखा है। यात्रियों की संख्या के मुकाबले बहुत कम है। बसों के नहीं मिलने से परेशान यात्रियों का झुकाव ट्रेनों की ओर बढ़ गया है। सुबह व दोपहर के समय यात्रियों की सबसे अधिक भीड़ पूर्वोत्तर रेलवे के सिटी स्टेशन पर रहती है। शनिवार को सिटी स्टेशन स्थित टिकट काउंटर भीड़ लगी हुई थी। सुरक्षा के लिए जीआरपी व आरपीएफ की ड्यूटी निगरानी रखने के लिए रहती है।

पांच पैसेंजर सहित चल रहीं करीब 15 ट्रेन

पूर्वोत्तर रेलवे कासगंज-मथुरा रेलमार्ग पर करीब 15 ट्रेनों का संचालन हो रहा है। इनमें करीब पांच ट्रेनों का संचालन नियमित रूप से होता है। बाकी सभी एक्सप्रेस ट्रेन हैं। जो सप्ताह में तीन दिन, दो दिन व एक दिन के हिसाब से चल रही हैं। स्टेशन के अधिकारी बताते हैं कि ट्रेनों में यात्रियों को कम किराए के साथ सहूलियतें भी मिलती हैं।

दो घंटे बिलंब से चली गोमती एक्सप्रेस

दिल्ली से लखनऊ जाने वाली गोमती एक्सप्रेस रविवार को हाथरस जंक्शन स्टेशन पर करीब दो घंटे के बिलंब से पहुंची। इस निर्धारित समय दोपहर के 2.45 बजे पहुंचने का है। यह ट्रेन यहां चार बजे के बाद ही पहुंची। वहीं लखनऊ से दिल्ली आने वाली गोमती भी करीब डेढ़ घंटे के बिलंब से पहुंची।

Edited By Anil Kushwaha

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