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किसान महापंचायत में बोले यूपी के डिप्‍टी सीएम, परिवारवाद नहीं विकासवाद की ओर बढ़ रहा प्रदेश

टूंडला में भाकियू भानु की महापंचायत में डिप्‍टी सीएम डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार में 100 में से 100 के खाते में पहुंचा पैसा। राजीव गांधी सरकार में 100 में से 15 रुपये ही पहुंचते थे खाते में। किसानों की उन्‍नति और समृद्धि पर ही हमारा ध्‍यान।

Prateek GuptaSun, 03 Oct 2021 03:51 PM (IST)
किसान महापंचायत में बोले यूपी के डिप्‍टी सीएम, परिवारवाद नहीं विकासवाद की ओर बढ़ रहा प्रदेश

आगरा, डा. राहुल सिंघई। टूंडला में भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) की किसान महापंचायत में रविवार को डिप्‍टी सीएम डा. दिनेश शर्मा किसानों का मन मोह ले गए उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि जब देश पर संकट आया तो किसान खड़ा हुआ। आज कोई भी किसान अपने अधिकार की मांग करता है तो आराम से कर सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनधन के खाते शुरू कराए और उन्‍हें फिर आधार कार्ड से जोड़ा गया, तब तक कोई समझ नहीं पा रहा था। योगी सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में 36 हजार करोड़ का कर्ज माफ कर दिया। एक बटन पर उन्हीं जनधनखातों में किसानों का कर्ज का पैसा पहुंच गया। राजीव गांधी की सरकार में सौ रुपये में 15 पहुंचते थे और भाजपा सरकार में सौ में सौ पहुंचते हैं। पुरानी सरकारों में पैसे का बंदरबांट होता था।

इमलिया में आयोजित महापंचायत को संबोधित करते हुए डिप्‍टी सीएम डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि भानुजी और उनके संगठन काे नमन है, जो राष्ट्र विरोधी कृत्य करने वालों से अलग होकर आवाज उठाई। मोदीजी और योगी जी की सरकार में हर गांव के हर घर में बिजली लगेगी। सड़क पहुंची और पानी पहुंचा। मोदी जी ने योगीजी के माध्यम से घर घर शौचालय बनवाए। किसानों के लिए किया जाने वाला काम, विपक्ष के लिए चिंता का विषय बनता है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्‍होंने कहा कि यहां कोई नेता नहीं मिलता तो हैदराबाद से नेता बुलाते हैं। योगी सरकार को सांप्रदायिक बताते हैं। हमने सबका विकास किया है। बुलडोजर माफिया पर चला है तो विपक्ष को दर्द हो रहा है।

उन्‍होंने आश्‍वासन दिलाया कि किसान समृद्धि आयोग के माध्यम से भानु जी द्वारा उठाई गई हर मांग को शामिल किया जाएगा। गायों के संबंध में गांव गांव आश्रय स्थल बन रहे हैं। सिचाई के लिए बाण सागर योजना शुरू करवा चुके हैं। किसानों की आमदनी को दो गुना करने के सपने को लेकर चल रहे हैं। युवाओं को गांव में रोजगार के अवसर मुहैया कराए जा रहे हैं। मुफ्त की कोचिंग, लेपटॉप और टेबलेट की योजना बन चुकी है। हम सारी चीजें किसानों के लिए कर रहे हैं और यही सब कानून में है। इसके बाद भी सवाल उठाते हैं। एक संत प्रदेश की जनता को संतान मानकर काम करता है। वो अस्पताल में पिता को देखने जाने की जगह जनता को कोरोना से बचाने जाता है। मोदी और योगी ने एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली और विपक्ष के नेता घर बैठ ट्विटर ट्विटर खेल रहे थे। उन्‍होंने कहा कि हे अन्न दाताओं आप भारत के भाग्यविधाता हो। एक बार कह दो कि अब परिवारवाद नहीं विकासवाद पर चलेंगे। मथुरा में 800 करोड़ का पेप्सिको ने फ़ूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाया है। उसमें आलू की बड़ी खपत होगी। इससे मथुरा के अलावा फ़िरोज़ाबाद को भी लाभ मिलेगा। आंदोलनरत किसानों को लेकर डिप्‍टी सीएम ने कहा कि ये किसानों का भेष धरकर आंदोलन की साजिश कर रहे हैं। वे कभी कामयाब नहीं होंगे। भाजपा की जीत का रिकॉर्ड किसान भाइयों की बदौलत टूटेगा। किसान देवता एकजुट रहो।

कृषि मंत्री बोले, मैं भी किसान का बेटा

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मैं भी किसान परिवार का बेटा हूं। मैंने खुद खेती की है। मंत्री बनने के बाद मैंने प्रयास किया है कि किसानों को एक एक पैसा मिले। मुख्यमंत्री ने किसान सम्रद्धि आयोग का गठन किया हैं। उसके अध्यक्ष वे खुद हैं। मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करूंगा कि नहर आंदोलन में दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। नहर का पानी किसानों को मिले, ये व्यवस्था होगी। आप भी तीन कानून के खिलाफ आंदोलन में गए थे। वहां किसानों को गुमराह किया गया। 26 जनवरी को जब लाल किले पर दूसरा झंडा फरहराया गया तो भानु प्रताप ने आंदोलन वापस ले लिया। इसीलिए हम आज यहां आपके बीच हैं। योगी सरकार बनाने में किसानों की भूमिका थी। 2017 से सैफई की सरकार रही, अपने आप को धरती पुत्र बताने वाले की सरकार थी। कांग्रेस की सरकार में लाखों किसानों ने आत्महत्या की। मैं धरना देने वालों से पूछना चाहता हूं कि उस समय आवाज क्यों नहीं उठाई? उस समय किसानों की उपज का दाम नहीं मिला। समर्थन मूल्य नहीं मिला और गन्ना किसानों को भुगतान नहीं मिला। अखिलेश सरकार का गन्ना किसानों का 12 हजार करोड़ का भुगतान योगी सरकार ने किया। योगी सरकार ने पहला फैसला ही किसानों का 36 हजार करोड़ कर्ज माफ कर लिया। इसी कारण आज किसान आत्महत्या नहीं कर रहा है।

2014 में किसान के धान का समर्थन मूल्य 1310 रुपये था। आज 1940 रुपये है। कौन ज्यादा एमएसपी दे रहा है, ये किसान समझते हैं। खरीद भी रिकार्ड हो रही है। 2.18 लाख मीट्रिक टन गेंहू खरीदा गया। मारीच के रूप में भेष बदलकर किसानो के आंदोलन चलाने वालों का पर्दाफाश भानु गुट करेगा। उन्‍होंने कहा कि पीएम ने किसानों का दर्द समझा और किसानों को हर तीन महीने में दो हजार रुपये भेजे जा रहे हैं। नए कानून के माध्यम से मंडी शुल्क हटा लिया है। दरअसल आढ़तिया, किसान आंदोलन के पीछे हैं। किसानों को गुमराह किया जा रहा है। कृषि मंत्री ने कहा कि हमारा उत्तर प्रदेश, उत्तम प्रदेश बने ये किसानों की ही जिम्मेवारी है।

 

Edited By: Prateek Gupta

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