आगरा के सैंकड़ों घरों में देर रात तक नहीं जल सका चूल्हा, ये रहा कारण

पीएनजी आपूर्ति बाधित चार हजार घर हुए प्रभावित। टोरंट के कार्य के कारण शाम छह बजे लाइन हुई क्षतिग्रस्त शाम साढ़े सात बजे सुचारू। वाल्व रीसेट करने के कारण देररात तक परेशान हुए लाेग 300 ने की शिकायत।

Tanu GuptaPublish: Thu, 20 Jan 2022 08:17 AM (IST)Updated: Thu, 20 Jan 2022 08:17 AM (IST)
आगरा के सैंकड़ों घरों में देर रात तक नहीं जल सका चूल्हा, ये रहा कारण

आगरा, जागरण संवाददाता। ग्रीन गैस लिमिटेड की पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) लाइन क्षतिग्रस्त हाेने के कारण दयालबाग क्षेत्र की आपूर्ति बाधित हो गई। इस कारण चार हजार घरों में रात के खाने की प्रक्रिया समय से नहीं हो सकी। कुछ घरों में बाहर से खाना मंगाया तो वैकल्पिक संसाधनों का उपयोग किया गया। शाम साढ़े सात बजे आपूर्ति सुचारू होने का दावा ग्रीन गैस ने किया, लेकिन कुछ घरों में लोग देररात तक वाल्व रीसेट करते रहे।

दयालबाग क्षेत्र में टोरंट का कार्य चल रहा है, जिस कारण बुधवार को ग्रीन गैस की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इस कारण नगला हवेली, सपन बाग, अदनबाग सहित आस-पास के क्षेत्र प्रभावित हुए। क्षेत्रीय लोगें को जब गैस रिसाव की आवाज आई तो उन्होंने ग्रीन गैस के कार्यालय में सूचना दी, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची। वाल्व बंद कर मरम्मत कार्य की शुरुआत की गई, इस दौरान घरों में पाइप में मौजूद गैस की आपूर्ति होती रही। शाम का खाना बनाने जब महिलाएं रसोई में पहुंची तब तक आपूर्ति बाधित हो चुकी थी। क्षेत्रीय निवासी राधिका अग्रवाल ने बताया कि पीएनजी की आपूर्ति बाधित होने के कारण रात का खाना नहीं बन सका। ठंड अधिक होने के कारण बाहर नहीं गए, ब्रैड खाकर काम चलाया। आठ बजे कुछ घरों में आपूर्ति सुचारू हो गई थी, लेकिन हमारे यहां लाइन वाल्व नौ बजे रीसेट हुआ। अदिति सिंह ने बताया कि आपूर्ति बाधित होने पर इंडक्शन पर पूरा खाना बनाना पड़ा, नौ बजे तक आपूर्ति सुचारू हुई। 300 से अधिक घरों में वाल्व के कारण आपूर्ति सुचारू होने के बाद भी लाइन शुरू होने में मुश्किल हुई, जिन्हाेंने ग्रीन गैस से शिकायत की। ग्रीन गैस लिमिटेड के प्रतिनिधि इसका समाधान देररात तक कराते रहे। ग्रीन गैस लिमिटेड के मीडिया समन्वयक विनय भारद्वाज ने बताया कि टोरंट के कार्य के दौरान लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई। शाम साढ़े सात बजे तक आपूर्ति को सुचारू करा दिया गया था। 

Edited By Tanu Gupta

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