वायल कैप के रंग से गुत्थी सुलझाने में जुटा स्वास्थ्य विभाग

कोविड जांच केंद्र पर तैनात टेक्नीशियन और सफाई कर्मचारियों से पूछताछ जिनके सैंपल मिले उनसे भी की गई बात

JagranPublish: Tue, 18 Jan 2022 02:14 AM (IST)Updated: Tue, 18 Jan 2022 02:14 AM (IST)
वायल कैप के रंग से गुत्थी सुलझाने में जुटा स्वास्थ्य विभाग

आगरा, जागरण संवाददाता। कोविड जांच केंद्र के बाहर फुटपाथ पर फेंके गए कोरोना संदिग्ध तीन मरीजों के सैंपल की गुत्थी वाइल के कैप के रंग से सुलझाने में स्वास्थ्य विभाग जुटा हुआ है। दो सैंपल की वाइल के कैप का रंग कोविड जांच केंद्र की वाइल के कैप के रंग से अलग है। सोमवार को कोविड जांच केंद्र में तैनात टेक्नीशियन और सफाई कर्मचारियों से पूछताछ की गई।

जिला अस्पताल द्वारा सेवायोजन कार्यालय, सांई की तकिया पर कोविड जांच केंद्र संचालित है। कोविड जांच केंद्र के बाहर रविवार दोपहर में फुटपाथ पर तीन वाइल पड़ी हुईं थी। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डा. अशोक अग्रवाल ने बताया कि सैंपल पर जिनके नाम दर्ज थे उनके कोरोना जांच कराने के लिए भरे जाने वाले फार्म की जांच कराई गई। ये शनिवार को सैंपल देने आए थे। फुटपाथ पर मिली दो वाइल के कैप के रंग नीले थे, जबकि कोविड जांच केंद्र में इस्तेमाल की जाने वाली वाइल के कैप का रंग नारंगी और बैंगनी है। जबकि तीसरी वाइल कोविड जांच केंद्र की ही थी। कोविड जांच केंद्र पर तैनात डा. केके वर्मा, टेक्नीशियन अनंत, सफाई कर्मचारी आदि से पूछताछ की गई। इसमें सामने आया है कि कोविड जांच केंद्र से सैंपल बाहर नहीं फेंके गए हैं। सैंपल जांच कराने के लिए आए कोरोना संदिग्धों ने ही फेंके हैं। जांच केंद्र पर सुबह नौ से रात नौ बजे तक डाक्टर की निगरानी में ही सैंपल लिए जाएंगे। ये किया जा रहा दावा

प्रमुख अधीक्षक डा. अशोक अग्रवाल का कहना है कि संजय बंसल निवासी लाजपत कुंज से संपर्क किया गया, उन्होंने बताया कि बेटे चिराग बंसल के साथ नोएडा जाना था। कोरोना की जांच कराने के लिए एक निजी लैब से संपर्क किया,उसने सैंपल ले लिए। जिला अस्पताल में वाइल जमा नहीं हुई तो उन्हें जिला अस्पताल बुलाया गया। यहां उन्होंने अपने बेटे के साथ सैंपल दिए। कोविड जांच केंद्र से बाहर निकलते समय कर्मचारी द्वारा लिए गए सैंपल की वाइल डस्टबिन में फेंक दी। 29 साल के शहीद नगर निवासी नवीन का कहना है कि वह पहले भी कई बार जांच करा चुका है। शनिवार को सैंपल देने आया था, लाइन लगी हुई थी इसलिए वाइल जेब में रखकर बाहर आ गया। कुछ देर बाद दोबारा पहुंचा और दूसरी वाइल लेकर सैंपल दे दिए। पहली वाली वाइल बाहर निकलते समय फेंक दी। 100 से 200 रुपये में कर देते हैं जांच

निजी लैब पर कार्यरत टेक्नीशियन ने घर से ही कोरोना के सैंपल लेना शुरू कर दिया है। इसके लिए 700 से एक हजार रुपये ले रहे हैं। ये सैंपल लेकर जिला अस्पताल में टेक्नीशियन को 100 से 200 रुपये देकर जमा करा देते हैं। जिला अस्पताल में निश्शुल्क जांच होती है। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डा. अशोक अग्रवाल जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच में निजी लैब के कर्मचारियों का हाथ सामने आया है, अभी जांच चल ही है। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

डा. अरुण श्रीवास्तव, सीएमओ

Edited By Jagran

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