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Suspicious Death: पंचायत के बाद जिंदा जलीं फौजी की पत्नी, बच्चों के झगड़े ने लिया जातीय विवाद का रूप

Suspicious Deathफौजी ने एससी पक्ष पर लगाया जिंदा जलाने का आरोप। बच्चों के झगड़े में लिखा दिया था एससी एसटी एक्ट में मुकदमा। पुलिस पर जांच के नाम पर बैठाकर धमकाने का आरोप। रिटायर्ड फाैजी अनिल राजावत का परिवार 2014 से पुष्पांजलि ईको सिटी में रहता है।

Tanu GuptaMon, 12 Oct 2020 08:49 PM (IST)
Suspicious Death: पंचायत के बाद जिंदा जलीं फौजी की पत्नी, बच्चों के झगड़े ने लिया जातीय विवाद का रूप

आगरा, जागरण संवाददाता। ताजगंज के पुष्पांजलि ईको सिटी कालोनी में बच्चों के झगड़े ने जातीय विवाद का रूप ले लिया। एससी एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज होने के बाद रविवार शाम को समझौते को पंचायत हुई। इसमें बात बिगड़ गई। फौजी का आरोप है कि पंचायत के बाद दूसरे पक्ष ने उनकी पत्नी पर केरोसिन डालकर आग लगा दी। सोमवार सुबह दिल्ली में महिला की मौत हो गई। आगरा पुलिस की टीम दिल्ली भेजी गई है। मंगलवार को शव लेकर स्वजन आगरा लौटेंगे।

मूलरूप से गढमुक्तेश्वर निवासी रिटायर्ड फाैजी अनिल राजावत का परिवार वर्ष 2014 से पुष्पांजलि ईको सिटी में रहता है। घर में उनकी पत्नी संगीता, जुड़वां आठ वर्षीय बेटे पियूष और आयुष हैं। अनिल ने बताया कि शुक्रवार को उनकी पत्नी संगीता दूध लेने गई थीं। उनके बेटे घर के बाहर खेल रहे थे। तभी भरत खरे का 10 वर्षीय बेटा बिट्टू वहां आ गया। साथ खेलने को लेकर उससे झगड़ा हो गया। भरत के बेटे के सिर में चोट लग गई। इस मामले में भरत खरे ने ताजगंज थाने में एससी- एसटी एक्ट का मुकदमा लिखा दिया। अनिल को शनिवार को दिनभर पुलिस चौकी पर बैठाया गया। इसके बाद समझौते के लिए कालोनी में रविवार शाम को पंचायत हुई। आरोप है कि भरत पक्ष ने पंचायत में 10 लाख रुपये मांगे और अनिल व उनकी पत्नी से पंचायत में पैर छूकर मांफी मांगने की शर्त भी रखी। संगीता पैर छूने को तैयार नहीं हुईं। उन्होंने हाथ जोड़कर माफी मांगी।

अनिल पहले पूरा इलाज कराने को तैयार थे। इस पर सहमति नहीं बनी तो 70 हजार रुपये तक देने को तैयार हो गए। कुछ कालोनी वासियों ने अपनी तरफ से दस-दस हजार रुपये देकर एक लाख रुपये तक देने को कह दिया। समझौता नहीं हो सका। अनिल कुमार कालोनी के कुछ लोगों के साथ इसी संबंध में बैठकर बातचीत कर रहे थे। तभी उनकी पत्नी के चीखने की आवाज आई। लोग दौड़कर वहां पहुंचे। वह लपटों से घिरी हुई थीं। जैसे-तैसे लोगों ने आग बुझाई। पहले उन्हें मिलिट्री हास्पिटल ले गए। वहां से दिल्ली गेट स्थित निजी अस्पताल भेज दीं। देर रात उन्हें वहां से एसएन इमरजेंसी रैफर कर दिया गया। यहां से तड़के चार बजे दिल्ली के आरआर हास्पिटल में रैफर कर दिया। रविवार सुबह साढ़े नौ बजे संगीता की मौत हो गई। अनिल ने आरोप लगाया है कि भरत उसकी पत्नी सुनीता और उसके 10-15 साथियों ने उनकी पत्नी को आग लगाई है। मंगलवार को वे आगरा आकर मुकदमा दर्ज कराएंगे। दिल्ली पुलिस से सूचना मिलने के बाद आगरा से पुलिस की टीम दिल्ली रवाना हुई है। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव यहां लाया जाएगा। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि रिटायर फौजी की तरफ से जो तहरीर मिलेगी उस पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस पहले जांच करेगी। उसके बाद साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करेगी। पहले पक्ष की तहरीर पर मुकदमा जरूर लिखा गया था मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। उसमें भी पहले जांच होती। घटना सही पाई जाती तब कार्रवाई होती।

 

Edited By: Tanu Gupta

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