Alligators in Chambal: वीकेंड पर घूमकर आएं चंबल, इन नौनिहालों ने बनाया है खूबसूरत नजारा

Alligators in Chambal घड़ियाल के हजारों बच्चे चंबल नदी में तो पहुंच गए। अब व्यस्क होने की लड़ाई शुरू। इस साल चंबल नदी में पहुंचे है पांच हजार घड़ियाल के बच्चे। केवल पांच प्रतिशत ही तमाम बाधाओं का पार कर हो पाते हैं व्यस्क।

Tanu GuptaPublish: Fri, 24 Jun 2022 04:00 PM (IST)Updated: Fri, 24 Jun 2022 04:00 PM (IST)
Alligators in Chambal: वीकेंड पर घूमकर आएं चंबल, इन नौनिहालों ने बनाया है खूबसूरत नजारा

आगरा, प्रभजोत कौर। चंबल नदी में घड़ियालों की हैचिंग पूरी हो चुकी है। इस साल लगभग 5000 घड़ियालों के बच्चे नदी में पहुंच चुके है। पर यह सभी बच्चे व्यस्क हो पाएंगे या नहीं, इसके लिए उन्हें कई बाधाओं को पार करना होगा।वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक हर साल हैचिंग के बाद नदी में पहुंचे बच्चों में केवल पांच प्रतिशत ही व्यस्त हो पाते हैं।

इस साल मादा घड़ियालों ने 144 जगह घोंसले बनाए थे। हर घोंसले में 25 से 60 अंडे होते हैं।मई अंत से जून मध्य तक अंडों में से बच्चे निकलते हैं, जिसे हैचिंग कहा जाता है। इस साल जून मध्य तक लगभग 5000 घड़ियाल के बच्चे अंडों में से निकलकर नदी में पहुंच चुके हैं। वन विभाग द्वारा हर साल फरवरी में घड़ियालों की गिनती की जाती है। इन बच्चों में कितने उस गिनती में शामिल हो पाएंगे, इसमें अभी लंबा समय है।

इन बाधाओं को करना पड़ता है पार

घड़ियाल के दर्जन बच्चे अंडे से नदी तक पहुंचने में ही यह चिड़ियों, कुत्तों और सियारों का शिकार हो जाते हैं। उसके बाद चंबल नदी में पाई जाने वाली कैट फिश और कटहवा प्रजाति के कछुए इनका शिकार करते हैं।उनमें से बचे बच्चों को सितंबर में आने वाली बाढ़ का मुकाबला भी करना होता है। इस बाढ़ में हर साल तीन से चार हजार बच्चे बह जाते हैं। वन विभाग के अनुमान के मुताबिक हर साल सिर्फ पांच प्रतिशत बच्चे ही व्यस्क होने का सफर पूरा कर पाते हैं।

प्रकृति का नियम है

डीएफओ चंबल(आगरा)दिवाकर श्रीवास्तव बताते हैं कि यह प्रकृति का नियम है। अगर पांच हजार बच्चे हर साल व्यस्क होने लगे तो चंबल में सिर्फ घड़ियाल ही नजर आएंगे। इतने घड़ियालों की संख्या को संभालने के लिए वन विभाग को काफी परेशानी होगी। प्रकृति अपने-आप ही संख्या को बैलेंस कर देती है।हर साल पांच से छह प्रतिशत बच्चे ही व्यस्त हो पाते हैं। पिछली गणना के मुताबिक चंबल में 2100 से ज्यादा घड़ियाल हैं, जिनमें अगले साल फरवरी तक बढ़ोतरी हो जाएगी। यह काफी संतुलित संख्या है।

 

Edited By Tanu Gupta

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