सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद सामूहिक हत्याकांड में फांसी की सजा पाए तीन बंदी रिहा

Mass Murder Case सर्वोच्च न्यायालय में सामाजिक संस्था के माध्यम से याचिका दायर की थी। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बरी किया गया। तीनों रिहा हुए बंदियों को लेने स्वजन पहुंच गए। बुलंदशहर के नरौरा के गांव पिलखना में वर्ष 2014 के चर्चित 6 लोगों की सामूहिक हत्याकांड का है मामला।

Tanu GuptaPublish: Sat, 18 Dec 2021 05:05 PM (IST)Updated: Sat, 18 Dec 2021 05:05 PM (IST)
सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद सामूहिक हत्याकांड में फांसी की सजा पाए तीन बंदी रिहा

आगरा, जागरण संवाददाता। बुलंदशहर के नरौरा के गांव पिलखना में वर्ष 2014 के चर्चित 6 लोगों की सामूहिक हत्याकांड में फांसी की सजा पाए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बरी 3 आरोपित सेंट्रल जेल से रिहा कर दिए गए हैं। मौसम खान उनकी पत्नी बेटे व बहू की हत्या हुई थी। पुलिस ने हत्या के आरोप में मौसम के पुत्र मोमिन, भतीजे जैकम खान और नाती साजिद को जेल भेजा था। तीनों को फांसी की सजा हुई थी। हाई कोर्ट ने फांसी की सजा की पुष्टि की थी। सर्वोच्च न्यायालय में सामाजिक संस्था के माध्यम से याचिका दायर की थी। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बरी किया गया।

तीनों रिहा हुए बंदियों को लेने स्वजन पहुंच गए। जैकम खान की पत्नी हशमतिया, पुत्र जाकिर और दो साल के नाती समेत लेने आये थे। 

Edited By Tanu Gupta

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