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Sai Baba Pujan Vidhi: गुरुवार है साईं बाबा को समर्पित, इस तरह करें पूजा-अर्चना

Sai Baba Pujan Vidhi आज गुरुवार है। आज का दिन शिरडी वाले साईं बाबा को समर्पित है। आज के दिन लोग साईं बाबा की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत भी रखते हैं। शिरडी में आज के दिन का माहौल भी अलग होता है।

Shilpa SrivastavaThu, 24 Dec 2020 07:32 AM (IST)
Sai Baba Pujan Vidhi: गुरुवार है साईं बाबा को समर्पित, इस तरह करें पूजा-अर्चना

Sai Baba Pujan Vidhi: आज गुरुवार है। आज का दिन शिरडी वाले साईं बाबा को समर्पित है। आज के दिन लोग साईं बाबा की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत भी रखते हैं। शिरडी में आज के दिन का माहौल भी अलग होता है। कहा जाता है कि अगर गुरवार के दिन व्यक्ति साईं बाबा का व्रत करता है तो उसकी हर मनोकामना पूरी हो जाती है। मान्यता है कि जो व्यक्ति गुरुवार के दिन व्रत करते हैं उनपर साईं बाबा की विशेष कृपा बनी रहती है।

आज के दिन साईं बाबा की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। साथ ही साईं बाबा की आरती और कथा भी कही जाती है। आज के दिन अगर आप भी साईं बाबा का व्रत कर रहे हैं तो यहां हम आपको इनकी पूजन विधि बता रहे हैं।

साईं बाबा की पूजन विधि:

  • इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठ जाएं। इसके बाद नित्यकर्मों से निवृत्त होकर स्नानादि कर साफ वस्त्र धारण करें।
  • साईं बाबा का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
  • साईं बाबा की मूर्ति या तस्वीर को पूजा स्थल पर स्थापित करें। मूर्ति पर गंगाजल छिड़कें।
  • मूर्ति पर पीला कपड़ा चढ़ाएं।
  • फिर साईं बाबा पर पुष्प, रोली और अक्षत अर्पित करें।
  • इसके बाद साईं बाबा की आरती धूप, घी से उतारें।
  • इसके बाद साईं बाबा को पीले फूल अर्पित करें।
  • फिर अक्षत व पीले फूल हाथ में रखें। बाबा की कथा सुनें।
  • बाबा को लड्डू का भोग लगाएं। आप किसी भी पीली मिठाई का भोग लगा सकते हैं।
  • फिर सभी को प्रसाद बांट दें। अपने सार्म्थय के अनुसार दान भी दें।

जानें किस तरह करें व्रत:

साईं बाबा का व्रत गुरुवार को किया जाता है। इनके व्रत की संख्या 9, 11 या 21 होती है। इस दिन फलाहार व्रत किया जना चाहिए। व्रत के दिन एक ही समय भोजन ग्रहण करना चाहिए। अगर गुरुवार के व्रत के दौरान स्त्रियों को मासिक समस्या हो या किसी अन्य कारणवश व्रत नहीं पा रही हैं तो वो अगले गुरुवार को व्रत कर सकती हैं। व्रत की संख्या पूरी हो जाने पर गरीबों को खाना खिलाना चाहिए और दान करना चाहिए। इसके अलावा रिश्तेदारों और पड़ोसियों को साईं बाबा व्रत की पुस्तक वितरित करनी चाहिए।

डिसक्लेमर

'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी। '