Mokshada Ekadashi 2021: भगवान श्रीहरि विष्णु की कृपा पाने के लिए मोक्षदा एकादशी पर करें ये उपाय

Mokshada Ekadashi 2021 धार्मिक मान्यता है कि महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण ने अपने अर्जुन को मोक्षदा एकादशी को गीता उपदेश दिया था। अतः एकादशी को भगवान विष्णु जी की विशेष पूजा-आराधना की जाती है। मोक्षदा एकादशी व्रत करने से समस्त पापों से मुक्ति मिल जाती है।

Umanath SinghPublish: Wed, 08 Dec 2021 04:40 PM (IST)Updated: Thu, 09 Dec 2021 11:57 AM (IST)
Mokshada Ekadashi 2021: भगवान श्रीहरि विष्णु की कृपा पाने के लिए मोक्षदा एकादशी पर करें ये उपाय

Mokshada Ekadashi 2021:    हिंदी पंचांग अनुसार, मार्गशीर्ष माह में शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी 14 दिसंबर को मनाई जाएगी। यह पर्व हर साल मार्गशीर्ष माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस दिन गीता जयंती भी मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता है कि महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण ने अपने अर्जुन को मोक्षदा एकादशी को गीता उपदेश दिया था। अतः एकादशी को भगवान विष्णु जी की विशेष पूजा-आराधना की जाती है। मोक्षदा एकादशी व्रत के पुण्य-प्रताप से व्रती को बुरे से बुरे पापकर्मों के पाश से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही मरणोपरांत मोक्ष की प्राप्ति होती है। कालांतर से ऋषि मुनियों ने मोक्षदा एकादशी कर मोक्ष की प्राप्ति की है। आइए, मोक्षदा एकादशी के दिन भगवान श्रीहरि विष्णु को प्रसन्न करने के उपाय जानते हैं-

- एकादशी के दिन तुलसी का पौधा लगाना शुभ होता है। इसके लिए मोक्षदा एकादशी के दिन तुलसी का पौधा जरूर लगाएं। एक चीज का ध्यान रखें कि तुलसी का पौधा पूर्व की दिशा में लगाएं।

-एकादशी को गेंदे का फूल लगाना भी शुभ होता है। साधक घर के उत्तर दिशा में गेंदे का फूल लगा सकते हैं।

-धार्मिक मान्यता है कि आंवले के पौधे में भगवान विष्णु जी वास करते हैं। अतः मोक्षदा एकादशी के दिन घर पर आंवले का पौधा लगाएं।

-एकादशी के दिन गरीबों और जरूरतमंदों को अपनी आर्थिक स्थिति के अनुरूप दान जरूर दें।

-ज्योतिषों की मानें तो एकादशी के दिन घर या घर के छत पर पीला ध्वजा जरूर लगाएं।

-एकादशी के दिन तुलसी दल युक्त खीर बनाकर भगवान विष्णु को अर्पित करें।

-मोक्षदा एकादशी के दिन गरीबों को पीले रंग का वस्त्र, अन्न और पीले रंग की आवश्यक वस्तुएं भेंट करें।

डिसक्लेमर

'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'

Edited By Umanath Singh

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept