Udaipur Murder Case: कन्हैयालाल के हत्यारों ने हत्या से पहले और बाद में पाकिस्तान से की थी बात

टेलर कन्हैयालाल की हत्‍या से पहले दो दिन तक लगातार कन्हैयालाल की दुकान की रेकी की गई थी। हत्यारों मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने घटना को अंजाम देने से पहले व बाद में पाकिस्तान के कराची में व्हाट्सअप काल पर बात की थी।

Babita KashyapPublish: Wed, 06 Jul 2022 01:22 PM (IST)Updated: Wed, 06 Jul 2022 01:22 PM (IST)
Udaipur Murder Case: कन्हैयालाल के हत्यारों ने हत्या से पहले और बाद में पाकिस्तान से की थी बात

जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान में उदयपुर के टेलर कन्हैयालाल के हत्यारों मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने घटना को अंजाम देने से पहले व बाद में पाकिस्तान के कराची में कट्टरपंथी दावत-ए-इस्लामी अबु इब्राहिम और सलमान के संपर्क में थे। उन्होंने व्हाट्सअप काल पर बात की थी। दोनों ने हत्या से पहले दो दिन तक लगातार कन्हैयालाल की दुकान की रैकी की थी। इस दौरान वे मंगलवार को गिरफ्तार किए गए मोहसिन की हाथीपोल स्थित चिकन की दुकान पर बैठते थे ।दुकान पर ही हत्याकांड की साजिश रची गई थी । साजिश और रैकी करने में मोहसिन,वसीम,रियासत हुसैन और अब्दुल रज्जाक दोनों हत्यारों का सहयोग किया था। राजस्थान एटीएस और एसओजी के अधिकारी इस बारे में अधिकारिक रूप से बातने को तैयार नहीं है।

सूत्रों के अनुसार आरोपितों ने पूछताछ में इस बात का खुलासा किया है।जांच एजेंसियों ने आठ से दस वे मोबाइल नंबर ट्रेस किए हैं,जिनकी लोकेशन पाकिस्तान से राजस्थान तक आ रही है। इस बीच जांच में सामने आया कि हत्या के लिए धारदार हथियार (छुरे) उन्होंने कानपुर के सरताज से मंगवाए थे। रियाज का सरताज से परिचय था। छुरों के उदयपुर पहुंचे के बाद यहां एस.के.इंजीनियरिंग फैक्ट्री में गौस ने इन्हे धार लगाई थी। गौस ने यह फैक्ट्री किराये पर ले रखी थी। एनआईए ने चार छुरे मोहसिन की दुकान से बरामद किए हैं। दो हत्यारों के पास मिले थे।छुरे कानपुर से उदयपुर तक कैसे पहुंचे इस बात की जांच की जा रही है। हत्यारों ने स्वीकार किया कि वे एक ही दिन में कन्हैयालाल सहित तीन लोगों की हत्या करना चाहते थे,लेकिन दो की रैकी सही नहीं हो सकी थी। इनमें से एक व्यापारी नितिन जैन है,जिसने नुपुर शर्मा के पक्ष में इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट की थी। उनका मकसद हत्या के बाद वीडियो वायरल कर दहशत फैलाना था।

जम्मू-कश्मीर के छात्र के नाम से संदेश वायरल

अजमेर इंजीनियरिंग कालेज के छात्र वाहिद मुस्ताक के नाम से कन्हैयालाल की हत्या के नाम से इंटरनेट मीडिया पर वायरल किया गया संदेश गलत निकला है। किसी अन्य व्यक्ति ने तकनीकी गड़बड़ी कर वाहिद के नाम से यह संदेश वायरल किया था। अजमेर पुलिस ने इस संबंध में जांच की तो सामने आया कि वाहिद परीक्षा समाप्त होने के बाद 20,मई को जम्मू-कश्मीर स्थित अपने गांव कुलगांव चला गया था । पुलिस और कालेज प्रशासन ने वाहिद संपर्क किया तो उसने कुलगांव पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया है। वाहिद के पिता जम्मू-कश्मीर पुलिस में कार्यरत है।

अजमेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का कहना है कि वाहिद ने जम्मू-कश्मीर के कुलगांव का रहने वाला है। उसने कुलगांव पुलिस थाने में खुद के नाम से फर्जी आईडी बनाकर कन्हैयालाल की हत्या के बाद आपत्तिजनक पोस्ट इंटरनेट मीडिया पर डालने का मामला दर्ज करवाया है। कुलगांव पुलिस थाने में उसने अपना मोबाइल भी जांच के लिए दिया है। उसके पिता वहां पुलिस में सिपाही है। अजमेर पुलिस से भी उसने संपर्क किया था कि किसी ने उसके नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर गलत पोस्ट किया और एक मोबाइल वह उसका फोटो लगाकर आपत्तिजनक पोस्ट िकया गया। पुलिस उस मोबाइल नंबर की तलाश कर रही है।

सरताज दावत-ए-इस्लामी का कानपुर प्रमुख है। तलाक महल का रहने वाला सरताज उदयपुर की घटना के बाद से भूमिगत है। उसका आपराधिक रिकार्ड नहीं है। छुरे कानपुर से उदयपुर तक कैसे पहुंचे इस बात की जांच की जा रही है। एक संभावना यह भी जताई जा रही है कि दो-तीन महीने पहले जाजमऊ के जिस मदरसे में दावत-ए-इस्लामी का बैठक हुई थी, उसमें रियाज और गौस भी शामिल हुए थे। इसी वजह से उनके सरताज से संपर्क थे। सरताज अब कहां है, इसकी कोई जानकारी नहीं है। पुलिस अधिकारी जांच कर रहे हैं। कोई भी अधिकारी सरताज के संबंध में बात करने को तैयार नहीं है।

Edited By Babita Kashyap

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