राजस्थान एसओजी का खुलासा- शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर स्ट्रांग रूम से लीक हुआ था

जांच में पता चला है कि भजनलाल ने शिक्षा विभाग के कार्मिकों से मिलीभगत कर के स्ट्रांग रूम से पेपर निकाला और उसकी फोटो कापी करवा कर दोनों को दिया था। बाद में उदाराम और रामकृपाल ने पैसे लेकर पेपर कई लोगों में बांट दिया था।

Priti JhaPublish: Thu, 27 Jan 2022 02:15 PM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 02:15 PM (IST)
राजस्थान एसओजी का खुलासा- शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर स्ट्रांग रूम से लीक हुआ था

जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान शिक्षक पात्रता भर्ती परीक्षा (रीट) पेपर लीक मामले में स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने नया खुलासा किया है। एसओजी की जांच में सामने आया कि पेपर जयपुर स्थित शिक्षा संकुल के स्ट्रागं रूम से लीक हुआ था। मामले के मुख्य अभियुक्त भजनलाल से हुई पूछताछ के बाद पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। अब तक इस मामले में 35 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक अशोक राठौड़ ने बताया कि रीट पेपर लीक मामले में बुधवार को उदाराम बिश्नोई और रामकृपाल मीणा को गिरफ्तार किया गया है।

जांच में पता चला है कि भजनलाल ने शिक्षा विभाग के कार्मिकों से मिलीभगत कर के स्ट्रांग रूम से पेपर निकाला और उसकी फोटो कापी करवा कर दोनों को दिया था । बाद में उदाराम और रामकृपाल ने पैसे लेकर पेपर कई लोगों में बांट दिया था । रामकृपाल जयपुर में एक निजी स्कूल संचालित करता है। फिलहाल स्ट्रांग रूम से पेपर देने वाले कर्मचारियों के नाम का खुलासा नहीं किया गया है।

उधर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने इस मामले की सीबीआई से जांच करवाने की मांग की है। पूनिया ने कहा कि एसओजी की अब तक की जांच में खुलासा हो गया कि पेपर शिक्षा विभाग के स्ट्रांग रूम से ही लीक हुआ है। इससे साफ है कि शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से पेपर लीक हुआ है ।

उल्लेखनीय है कि रीट की भर्ती परीक्षा पिछले साल सितम्बर महीने में हुई थी। इस परीक्षा में करीब 16 लाख युवाओं ने परीक्षा दी थी । परीक्षा के दूसरे दिन ही पेपर लीक होने की बात सामने आई थी । पुलिस की प्रारम्भिक जांच में पता चला था कि लीक पेपर 12 से 15 लाख की राशि में बेचा गया था । यह पेपर दलालों को दिया गया था, जिन्होंने बाद में पैसे लेकर परीक्षार्थियों में बांटा था । 

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रीट परीक्षा पेपर लीक कांड में गहलोत सरकार एक तरफ पेपर आउट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा कराती है और दूसरी तरफ पुनः परीक्षा की मांग से इनकार करती है। ये क्या बात हुई? क्या पर्चा आउट होने के बाद परीक्षा का कोई महत्व रह जाता है? देखा जाए तो पर्दाफाश गहलोत सरकार का हुआ है लेकिन उसकी गलती की सजा मेधावी अभ्यर्थी भुगत रहे हैं। #Rajasthan - Gajendra Singh Shekhawat (@gssjodhpur) 26 Jan 2022

Edited By Priti Jha

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