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जैसलमेर में विंड टरबाइन में आग लगी, लपटें इतनी भीषण थी कि कई किलोमीटर दूर तक नजर आ रही थी

हादसे के दौरान कोई जनहानि नहीं हुई। पुलिस के अनुसार देर रात आग लगने की सूचना मिली तो फायर ब्रिगेड एवं अन्य बंदोबस्त के साथ मौके पर टीम पहुंची। बड़ी मुश्किल से आग काबू में आ सकी। आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है।

Vijay KumarTue, 04 May 2021 04:27 PM (IST)
जैसलमेर में विंड टरबाइन में आग लगी, लपटें इतनी भीषण थी कि कई किलोमीटर दूर तक नजर आ रही थी

 जागरण संवाददाता, जयपुर : पवन उर्जा के हब राजस्थान में जैसलमेर जिले के सुखसिंह नगर में एक पवन चक्की में भीषण आग लग गई। इस कारण पवन चक्की पूरी तरह से जल गई। आग लगने के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हुअा है। जानकारी के अनुसार आबादी इलाके से मात्र 200 मीटर दूर स्थित सूजलॉन कंपनी की पवन चक्की में आग सोमवार देर रात लगी । इससे पवन चक्की के विंड टरबाइन और हब पूरी तरह से जलकर खाक हो गए। आग इतनी भीषण थी कि लपटें कई किलोमीटर दूर तक नजर आ रही थी । तेज आग से पवन चक्की की एक ब्लेड जलकर नीचे गिर गई। हादसे के दौरान कोई जनहानि नहीं हुई। 

पुलिस के अनुसार देर रात आग लगने की सूचना मिली तो फायर ब्रिगेड एवं अन्य बंदोबस्त के साथ मौके पर टीम पहुंची। बड़ी मुश्किल से आग काबू में आ सकी। आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है। बताया जा रहा है कि विंड टरबाइन में शॉर्ट सर्किट में होने से अचानक एक धमाका हुआ और आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दी। यह टरबाइन काफी ऊंचाई पर स्थित है। इस कारण आग की लपटें काफी दूर तक नजर आई। उल्लेखनीय है कि जैसलमेर में वर्तमान में 3509.42 मेगावाट क्षमता की पवन उर्जा उत्पादन की क्षमता है। इसके लिए अलग-अलग क्षमता की 2984 विंड टरबाइन स्थापित है। एक विंड टरबाइन से 2.5 किलोवाट से 2.1 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो सकता है। एक मेगावाट क्षमता की टरबाइन करीब साढ़े  पांच करोड़ में स्थापित होती है। सोमवार देर रात जलने वाली टरबाइन की क्षमता 1.5 मेगावाट थी।

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