कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और उनकी विधायक पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज

हरियाणा निवासी अरुण कुमार ने एफआईआर दर्ज करवाते हुए कहा कि पिछले साल खिलौरी निवासी छीतरमल उसे साफिया के अलवर में स्थित आवास शांतिकुंज लेकर गया था। इस दौरान जुबेर और साफिया ने उसे खनन कार्य का पट्टा दिलवाने का आश्वासन दिया जिसके बाद धोखा हुआ।

Prateek KumarPublish: Tue, 05 Jul 2022 10:59 PM (IST)Updated: Tue, 05 Jul 2022 10:59 PM (IST)
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और उनकी विधायक पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज

जयपुर, जागरण संवाददाता। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव जुबेर खान, उनकी विधायक पत्नी साफिया और बेटे आर्यन सहित दस लोगों के खिलाफ राजस्थान में अलवर के अरावली विहार पुलिस थाने में 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के विश्वस्त माने जाने वाले जुबेर खान उत्तरप्रदेश के प्रभारी सचिव हैं। कुछ समय पहले ही अशोक गहलोत सरकार ने उन्हे मेवात बोर्ड का अध्यक्ष भी बनाया है।

हरियाणा के भिवानी निवासी अरूण कुमार ने एफआईआर दर्ज करवाते हुए कहा कि पिछले साल दो नवंबर को खिलौरी निवासी छीतरमल उसे साफिया के अलवर में स्थित आवास शांतिकुंज लेकर गया था। इस दौरान जुबेर और साफिया ने उसे उनके निर्वाचन क्षेत्र रामगढ़ में खनन कार्य का पट्टा दिलवाने का आश्वासन दिया । बदले में 13 लाख रुपये पहली किश्त के रूप में ले लिए। उससे कुल 40 लाख रूपये अलग-अलग कार्यों में खर्च करवाए गए । लेकिन, उसके बाद न तो उसे खनन पट्टा आवंटित करवाया गया और न ही रुपये वापस किए गए।

रुपये मांगने पर उसे धमकी दी गई। खनन पट्टा किसी अन्य व्यक्ति को दिलवा दिया गया । अरुण ने कहा कि मैंने नाराजगी जताई तो जुबेर ने कहा कि मैं मेवात बोर्ड अध्यक्ष बनने वाला हूं, तुम्हारे अन्य सभी काम करवा दूंगा । करीब आठ महीने तक रकम वापस नहीं दी गई तो अलवर के अरावली विहार पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया गया है।

जुबेर खान और उनकी पत्नी साफिया ने मामले को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि पुलिस जांच करेगी तो सबकुछ साफ हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि कुछ समय पूर्व अरूण ने एक आडियो वायरल किया था,जिसमें जुबेर,उसकी पत्नी सहित दस लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था। अरुण ने उस समय रामगढ़ पुलिस थाने में इच्छामृत्यु की इजाजत मांगी थी । पुलिस ने उस समय आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया था।

Edited By Prateek Kumar

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