Rajasthan: 30 हजार लोगों से 180 करोड़ रुपये का निवेश कराकर धोखाधड़ी का आरोपित गिरफ्तार

Rajasthan तीस हजार लोगों से करीब 180 करोड़ रुपये निवेश कराकर धोखाधड़ी कराने वाले एचवीएन रियलिटी एंड इंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड के धोखेबाज निदेशक को बांसवाड़ा पुलिस ने गुजरात के बड़ोदरा से गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Sachin Kumar MishraPublish: Thu, 27 Jan 2022 09:14 PM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 09:14 PM (IST)
Rajasthan: 30 हजार लोगों से 180 करोड़ रुपये का निवेश कराकर धोखाधड़ी का आरोपित गिरफ्तार

उदयपुर, संवाद सूत्र। आरडी और एफडी के नाम पर तीस हजार लोगों से करीब 180 करोड़ रुपये निवेश कराकर धोखाधड़ी कराने वाले एचवीएन रियलिटी एंड इंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड के धोखेबाज निदेशक को बांसवाड़ा पुलिस ने गुजरात के बड़ोदरा से गिरफ्तार किया है। आरोपित मध्य प्रदेश मूल के रंभापुर हाल वड़ोदरा निवासी कंपनी संस्थापक व निदेशक अजीत सिंह खतेड़िया के रूप में हुई है। कंपनी ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के लोगों ने निवेश कराया और जमा रकम को लेकर रफूचक्कर हो गई। धोखाधड़ी के दर्ज मामले में कोतवाली पुलिस उसे हिरासत में लेकर बांसवाड़ा लेकर गुरुवार को पहुंची। उसके खिलाफ बांसवाड़ा जिले के अरथूना थाने में भी मामला दर्ज है। वड़ोदरा क्राइम ब्रांच भी उसके खिलाफ जांच में जुटी है। उसके खिलाफ पिछले साल बारह अक्टूबर को बोरवट निवासी पर्वत सिंह पुत्र मोगजी पटेल ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। जिसमें उनके साथ दक्षा बेन, अजीत सिंह, पृथ्वी सिंह, सुरेंद्र सिंह, राजू उर्फ प्रकाश झाड़, शारदा बेन व दिनेश पुरी गोस्वामी को आरोपित बनाया है।

जानें, क्या है मामला

उसने बताया कि बांसवाड़ा शहर के चेतक कांप्लेक्स स्थित एचवीएन रियलिटी एंड इंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड की शाखा में उन्होंने नौ लाख पांच हजार रुपये का निवेश किया था। परिपक्व अवधि के बाद उन्हें जमा राशि के एवज में 26 लाख 67 हजार पांच सौ रुपये दिए जाने का वादा कंपनी ने दिया था। परिपक्वता अवधि के बाद जब वह अपनी जमा पूंजी को फायदे के साथ लेने पहुंचे तो उन्हें टालमटोल करते रहे। जब शाखा कार्यालय पहुंचे तो वहां ताला टंगा था और पता चला कि आरोपित उस कार्यालय को किसी ओर को बेच गए। इस मामले में शहर कोतवाल रतन सिंह चौहान ने बताया कि आरोपित कंपनी ने बांसवाड़ा व इसके आसपास के इलाकों के तीस हजार से अधिक लोगों को झांसे में लेकर 40 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कराया। जिनमें से महज 12 हजार लोगों को पालिसी परिपक्व होने पर रिफंड दिया गया, जबकि बाकी का पैसा लेकर कंपनी रफूचक्कर हो गई। आरोपित को गिरफ्तार कर बांसवाड़ा लाया गया है। उसे पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जानी है।  

Edited By Sachin Kumar Mishra

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