गांव महमूदपुरा में अवैध शराब का धंधा, आरोपित फरार

जिले के नवनियुक्त एसएसपी आइपीएस अधिकारी गुलनीत सिंह खुराना ने पद संभालते ही अवैध शराब का धंधा करने वालों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

JagranPublish: Wed, 19 Jan 2022 08:09 PM (IST)Updated: Thu, 20 Jan 2022 06:59 AM (IST)
गांव महमूदपुरा में अवैध शराब का धंधा, आरोपित फरार

धर्मबीर सिंह मल्हार, तरनतारन

जिले के नवनियुक्त एसएसपी आइपीएस अधिकारी गुलनीत सिंह खुराना ने पद संभालते ही अवैध शराब का धंधा करने वालों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद डीएसपी तरसेम मसीह और थाना वल्टोहा प्रभारी प्रभजीत सिंह की अगुआई में बनाई टीम ने खेमकरण हलके में गांव महमूदपुरा में जुगराज सिंह के घर में रेड की। इस दौरान शराब की चालू भट्ठी, 1200 किलो लाहन, 4500 मिलीलीटर अवैध शराब के अलावा छह ड्रम, एक कैनी व अन्य सामान बरामद किया गया। एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना ने बताया कि मौके से शराब तस्कर जुगराज सिंह फरार हो गया। उसके विरुद्ध थाना वल्टोहा में मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है। महमूदपुरा विधायक सुखपाल सिंह भुल्लर का पैतृक गांव है।

दरअसल, विधानसभा चुनावों में वोटरों को लुभाने के लिए विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेताओं द्वारा अवैध शराब निकलवाकर घर-घर बांटी जा रही है। 'नहीं थमा कारोबार, गांव-गांव बनने लगी देसी शराब' शीर्षक से दैनिक जागरण द्वारा 14 जनवरी को मामला प्रमुखता से उठाया गया था। जुलाई 2020 में जिले में जहरीली शराब के कारण 100 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। जहरीली शराब के इस कारोबार में बदनाम गांवों की सूची भी दैनिक जागरण द्वारा प्रकाशित की गई थी। इससे पुलिस की कारगुजारी पर सवाल उठाने वाली रिपोर्ट 14 जनवरी को प्रकाशित हुई। पुलिस प्रशासन की कार्रवाई सराहनीय: भुल्लर

खेमकरण के विधायक सुखपाल सिंह भुल्लर का कहना है कि गांव महमूदपुरा उनका पैतृक गांव है। गांव में छापामारी करके पुलिस ने जो शराब की बरामदगी की है, अच्छा काम किया है। कुछ लोग सियासत चमकाने के लिए बिना वजह मेरा नाम अवैध शराब कारोबार से जोड़ रहे है। मेरी प्रशासन से मांग है कि अवैध शराब के किसी भी कारोबारी को बख्शा न जाए। मामले की बारीकी से होनी चाहिए जांच : वल्टोहा

शिअद के पूर्व विधायक विरसा सिंह वल्टोहा ने कहा कि विधायक के गांव से इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब की बरामदगी हैरान करने वाली बात है। हो सकता है कि विधायक द्वारा उक्त शराब वोटरों में बांटी जानी हो। इस मामले की भी चुनाव आयोग को बारीकी से जांच करवानी चाहिए। प्रशासन की तरफ से अवैध शराब तस्करों के खिलाफ की गई कार्रवाई प्रशंसनीय है।

Edited By Jagran

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