सुनाम में फिर कांग्रेस गुटबंदी का शिकार, आजाद उम्मीदवार लड़ सकती हैं दामन बाजवा

कांग्रेस के दिग्गज नेता व पूर्व मंत्री भगवान दास अरोड़ा की मौत के बाद से ही सुनाम कांग्रेस में सब ठीक नहीं रहा है।

JagranPublish: Fri, 28 Jan 2022 10:29 PM (IST)Updated: Fri, 28 Jan 2022 10:29 PM (IST)
सुनाम में फिर कांग्रेस गुटबंदी का शिकार, आजाद उम्मीदवार लड़ सकती हैं दामन बाजवा

सचिन धनजस, सुनाम उधम सिंह वाला (संगरूर) : कांग्रेस के दिग्गज नेता व पूर्व मंत्री भगवान दास अरोड़ा की मौत के बाद से ही सुनाम कांग्रेस में सब ठीक नहीं रहा है। चुनाव दर चुनाव कांग्रेस में अदरूनी गुटबंदी हमेशा हावी रही है, जिस वजह से कांग्रेस शिकस्त खाती रही है। हालांकि, मौजूदा समय में कांग्रेस के लिए अच्छे संकेत जरूर थे, लेकिन कांग्रेस हाईकमान द्वारा बाहरी उम्मीदवार को चुनावी अखाड़े में उतारकर फिर से गुटबंदी को पैदा कर दिया है। बाहरी उम्मीदवार के चुनावी मैदान में आने के बाद हलके की कांग्रेस दामन को आजाद चुनाव मैदान में उतरने के लिए दबाव बना रही है। जिसको लेकर दामन द्वारा पहले हाईकमान के समक्ष अपनी बात रखी गई है और बाद में राजनीतिक फैसला करने का एलान किया है।

गौर हो कि 1997 में कांग्रेस के विधायक रहे भगवान दास अरोड़ा की मृत्यु के बाद कांग्रेस ने उनकी पत्नी परमेश्वरी देवी को चुनावी मैदान में उतारा था, लेकिन उपचुनाव में सत्तासीन सरकार जीतने में कामयाब हो गई थी। 2002 में कांग्रेस पार्टी द्वारा भगवान दास अरोड़ा की बेटी सोनिया दीपा को चुनाव मैदान में उतारा गया, जिसका विरोध तब उनके भाई अमन अरोड़ा ने जमकर किया था। 2007 में कांग्रेस पार्टी ने अमन अरोड़ा को चुनावी मैदान में उतारा था, तब उनके बहनोई राजिदर दीपा चुनाव मैदान में आजाद कूदे और अमन अरोड़ा की हार का कारण बने। 2012 में कांग्रेस पार्टी द्वारा फिर से अमन अरोड़ा पर विश्वास जताया और टिकट दी, तो कांग्रेस पार्टी में अंदरूनी गुटबंदी ने फिर से कांग्रेस की हार का कारण बनी। 2017 में अमन अरोड़ा आम आदमी पार्टी में चले गए, तो कांग्रेस ने दामन थिद बाजवा पर विश्वास जताया, तब टिकट की कतार में एक दर्जन कांग्रेसियों की अंदरूनी गुटबंदी की वजह से कांग्रेस को शिकस्त खानी पड़ी।

अब 2022 में जब दामन थिद बाजवा ने हलका कांग्रेस पर अपना पूरा दबदबा बना लिया, तो कांग्रेस ने अमरगढ़ से विधायक सुरजीत धीमान के भतीजे जसविदर धीमान को टिकट देकर सुनाम भेज दिया, जिसको लेकर कांग्रेस में आक्रोश की स्थिति बनी हुई है। भारी संख्या में कांग्रेस के दिग्गज दामन के साथ दिखाई दे रहे हैं और दामन को आजाद चुनाव मैदान में उतरने के लिए दबाव बना रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने की अनदेखी

दैनिक जागरण से बातचीत में दामन बाजवा ने कहा कि वह पार्टी की एक ईमानदार वर्कर हैं और पिछले पांच वर्षों से पार्टी वर्करों को साथ लेकर चल रही हैं। वह एक साधारण परिवार से संबंधित है और उनकी पार्टी के प्रति मेहनत को देखकर टिकट उन्हें मिलनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि वर्करों की राय ली जा रही है और हाईकमान तक वर्करों ने असल स्थिति पहुंचा दी है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी हाईकमान के साथ है, लेकिन वर्करों की राय मुताबिक दोबारा टिकट पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह वर्करों के अनुसार अपना अगला फैसला लेंगी।

Edited By Jagran

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