पीआरटीसी वर्करों ने दूसरे दिन भी हड़ताल जारी

पंजाब सरकार द्वारा मांगे पूरी न करने के रोष में पंजाब भर के पनबस कर्मचारी हड़ताल पर हैं।

JagranPublish: Wed, 08 Dec 2021 04:00 PM (IST)Updated: Wed, 08 Dec 2021 04:00 PM (IST)
पीआरटीसी वर्करों ने दूसरे दिन भी हड़ताल जारी

जागरण संवाददाता, संगरूर : पंजाब सरकार द्वारा मांगे पूरी न करने के रोष में पंजाब भर के पनबस व पीआरटीसी वर्करों द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। संगरूर के बस स्टैंड के मेन गेट पर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वर्करों ने कहा कि पंजाब सरकार जान बूझकर वर्करों की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्हें हड़ताल करने के लिए उकसाया गया है। संगरूर डिपो पर वर्करों को संबोधित करते हुए पंजाब रोडवेज पनबस/पीआरटीसी कंट्रेकट वर्कर्स यूनियन पंजाब के प्रांतीय नेता जतिदर सिंह रीदारगढ़, अवतार सिंह बोड़हाई, डिपो प्रधान जसविदर सिंह जस्सी व सचिव सुखजिदर सिंह ने कहा कि 22 नवंबर को ट्रांसपोर्ट मंत्री पंजाब से हुई बैठक में क्लीयर किया था कि यदि उनकी मांगों का हल न निकाला गया तो हड़ताल की जाएगी, परन्तु एक दिसंबर को कैबिनेट बैठक में भी कोई हल नहीं निकाला गया। हड़ताल से पहले यूनियन नेताओं ने मंत्री के पीए और बाद में ओएसडी को फोन पर संपर्क कर हल निकालने की अपील की थी। जब कोई रास्ता दिखाई नहीं दिया तो मजबूरन वर्करों को बसों का चक्का जाम करना पड़ा है। नेताओं ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह ने 14 सितंबर को पक्का करने का आश्वासन दिया था। बाद में 6 अक्टूबर को नए ट्रांसपोर्ट मंत्री अमरिदर सिंह वड़िग ने उन्हें भरोसे में लिया। मुख्यमंत्री बदलने के बाद12 अक्टूबर को नए सीएम चरनजीत सिंह चन्नी ने उन्हें बीस दिनों में पक्का करने का वादा किया, लेकिन नया एक्ट आने के बाद स्पष्ट हुआ कि ट्रांसपोर्ट विभाग का एक भी मुलाजिम पक्का नहीं होता। बोर्ड कार्पोरेशन एक्ट से बाहर रखकर पंजाब सरकार सरकारी ट्रांसपोर्ट खत्म करने की तैयारी में है, जबकि महामारी में डयूटी पर करीब आठ मुलाजिमों की जान गई थी। सरकार ने अब तक कोई मुआवजा नहीं दिया। एक परिवार को पचास लाख रूपये देने का लिखती वादा भी झूठा साबित हुआ। नेताओं ने मांग की कि दस हजार सरकारी बसें डाली जाएं, कच्चे मुलाजिमों को पक्का किया जाए, एडवांस बुकर, डेटा एंट्री आपरेटरों के वेतन में बढ़ोतरी की जाए, निकाले मुलाजिम बहाल किए जाएं। यदि 9 दिसंबर की कैबिनेट बैठक में कोई हल न निकाला तो 10 दिसंबर को मुख्यमंत्री पंजाब व ट्रांसपोर्ट मंत्री के घर समक्ष धरना दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के हलके में रोष धरने, झंडा मार्च सहित अन्य गुप्त एक्शन किए जाएंगे।

इस मौके पर रमन सिंह कालाझाड़, सुखचैन सिंह, अमरप्रीत कौर पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन शहीद रंधावा, भाकियू एकता उगराहां के दर्शन सिंह ब्लॉक प्रधान सुखजीत सिंह, डिपो चेयरमैन लखविदर सिंह, हरप्रीत सिंह, वाइस प्रधान रणदीप सिंह बावा, कैशियर रणजीत सिंह, राजिदर सिंह रोगला आदि मौजूद थे।

Edited By Jagran

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